दिल्ली नगर निगम की डेम्स कमेटी की बैठक नगर निगम मुख्यालय सिविक सेंटर में हुई। सदस्य पार्षदों ने दिल्ली की सफाई व्यवस्था को ठीक करने के लिए कहा।
ऐसा पहली बार होगा जब
डेम्स कमेटी अध्यक्ष संदीप कपूर ने एक कमेटी का गठन डिप्टी चेयरमैन धर्मवीर की अध्यक्षता में बनाई जो दिल्ली के सभी वार्डों में सफाई कर्मचारियों की नियुक्तियां , संख्या और किए जानेवाले काम की डिटेल रिपोर्ट देगी ।
खास बात है कि सभी वार्डों में जनसंख्या ,भौगोलिक स्थिति के हिसाब से कर्मचारियों की पोस्टिंग होगी। चेयरमैन के कमरे में हफ्ते में एक दिन अधिकारियों के साथ कर्मचारियों की शिकायतें सुनने का भी तय किया।
समिति ने तय किया कि इस दिवाली पर रुके हुए 2 साल का बोनस कर्मचारियों को दिया जाए।

डेम्स डिपार्टमेंट में मौजूद सभी अधिकारियों के कार्य को निश्चित किया जाए और अलग से डिपार्टमेंट के लिए अधिकारियों की व्यवस्था हो जो दिल्ली को स्वच्छ सुंदर बनाने में अपना योगदान दें।
आपको बता दें कि वेस्ट, साउथ सेंट्रल जोन में साफ सफाई और कूड़े का मामला सबसे ज्यादा खराब है। दिल्ली नगर निगम का आंकड़ा कहता है कि एमसीडी के पास सफाई कर्मचारियों की 62000 पोस्ट सैंक्शन है। इतने ही कर्मचारी एमसीडी में काम भी कर रहे तो फिर वेस्ट, साउथ और सेंट्रल जैसे कई जोन में सफाई का काम नदारद है। क्या खराब सफाई व्यवस्था के पीछे सफाईकर्मियों का गैर हाजिर होना है या फिर वजह कोई और?
डेम्स की नई सब कमेटी इन्हीं वजहों का पता लगाएगी।

दिल्ली नगर निगम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अक्सर सफाई कर्मी हाजिरी लगाकर गायब हो जाते हैं क्यों ने तो अपनी जगह किसी और को कम करने के लिए रखा हुआ है
आउटर दिल्ली के बीजेपी के मनोनीत पार्षद ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अपने वार्ड में खस्ताहाल सफाई व्यवस्था देखकर निगम से वार्ड में तैनात सफाई कर्मियों की लिस्ट मांगी और जब तैनाती और हकीकत में उनकी पोस्टिंग देखी तो जमीन आसमान का फर्क था क्योंकि यह सभी सफाई कर्मी सिर्फ कागजों पर ही तैनात थे।

