दिल्ली पुलिस के साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ ने गणतंत्र दिवस से पहले बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अवैध हथियार निर्माण और सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में हत्या, गैंगस्टर एक्ट, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन अपराधों में शामिल पांच कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 20 अत्याधुनिक देसी पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस और भारी मात्रा में हथियार बनाने की मशीनरी बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक, यह सिंडिकेट दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सक्रिय गैंगस्टरों और बदमाशों को मांग के अनुसार अवैध हथियार सप्लाई कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपेंद्र, अशरफ अली, सतीश, भारत उर्फ भारू और इम्तेयाज़ के रूप में हुई है। सभी आरोपी पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
स्पेशल स्टाफ को 4 जनवरी को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर राजोकरी टी-प्वाइंट, कापसहेड़ा के पास जाल बिछाया गया। यहां से भारत उर्फ भारू को एक देसी पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने मेरठ के काइली गांव में चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा किया।
इसके बाद पुलिस टीम ने मेरठ में दबिश देकर पूरी तरह सक्रिय हथियार निर्माण यूनिट का भंडाफोड़ किया, जहां से अशरफ अली, उपेंद्र और सतीश को मौके से गिरफ्तार किया गया। जांच आगे बढ़ने पर हथियारों की सप्लाई में शामिल इम्तेयाज़ को भी दबोच लिया गया।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम (मोडस ऑपरेंडी)
पुलिस ने पूछा तो आरोपी उगल पड़े। आरोपी सुनसान खेतों में भारी मशीनों की मदद से देसी लेकिन अत्याधुनिक पिस्टल तैयार करते थे। जेल से छूटने के बाद दोबारा अपराध की दुनिया में लौटकर यह गिरोह हथियारों की अवैध फैक्ट्री चला रहा था।
डीसीपी साउथ-वेस्ट अमित गोयल, ने बताया कि गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान और तेज किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

