DelhiCivicAlerts
BREAKING NEWSDelhi AlertsMunicipal Corporation of Delhi (MCD)

निगम की पावरफुल कमिटी स्टेंडिंग का पावर‘कट’! , दिल्ली की जनता को लग रहा झटका !

24 सितंबर को होनी वाली स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग किन्हीं कारणों से नही हो सकी। आधिकारिक कारणों पर निगम, स्टैंडिंग समिति चैयरमैन या अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।

दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग का दावा है कि मेयर और स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन के बीच मतभेद का खामियाज़ा दिल्लीवाले उठा रहे हैं। यही वजह है कि 24 सितंबर को होने वाली स्टैंडिग कमिटी मीटिंग का आधिकारिक सर्कुलर छपने के बाद भी मीटिंग क्यों कैसिंल हो गई?

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मेयर निगम से जुड़े रेवेन्यू मैटर मेयर खुद हैंडिल कर रहे हैं। स्टैंडिंग कमिटी में पुराने मामले ही लग रहे कोई क्रिएटिव प्रस्ताव नहीं लाया गया। स्वच्छता पर प्रचार तो कर रहे लेकिन स्टैंडिग में एक भी प्रस्ताव साफ-सफाई से संबंधित नहीं लाया जाता। मेयर और स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन के बीच आपसी मतभेद इतने बढ़ गए हैं कि दिल्ली की जनता का बड़ा नुकसान हो रहा है।

निगम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि स्थायी समिति अध्यक्षा और महापौर के बीच टकराव तो निगम में तैनाती के वक्त से ही चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि बैठक नहीं होने के कारण करीब सौ प्रस्ताव लंबित हैं।

दिल्ली नगर निगम की किसी भी आधिकारिक बैठक का एजेंडा 72 घंटे पहले सदस्यों के पास पहुंचना जरूरी है एक पार्षद ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि 24 सितंबर वाली बैठक का एजेंडा 22 सितंबर तक भी नही मिला। नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि मेयर और स्टैंडिंग कमिटी के बीच वर्चस्व की लड़ाई का खामियाजा दिल्ली की जनता को भुगतना पड़ा रहा क्योंकि उनके काम नहीं हो रहे। कमाल देखिए आप के शासन में ढ़ाई साल तक स्टेंडिंग कमेटी नहीं बन पाने के लिए बीजेपी आरोप लगाती रही कि आप गठन नही होने दे रही। वजह चाहे जो हो लेकिन, एक महीना होने को है अब तक तीन विवादित बैठक होने के बाद चौथी बैठक पर ग्नहण लग गया। 5 करोड़ से ऊपर की किसी परियोजना या प्रोजेक्ट की मंजूरी पहले स्थायी समिति बाद में सदन से ली जाती है। करीब 100 प्रस्ताव अभी भी लंबित हैं।

पहली मीटिंग से ही हो रहा विवाद…

पहली बैठक में पत्रकारों की एंट्री पर लगी रोक। तीसरी बैठक में बीजेपी निगम पार्षद पंकज लूथरा ने अवैध निर्माण का मुद्दा उठाया और डीसी से विवाद हो गया। बाद में डीसी को एक्सटेंशन मिल जाने से अधिकारियों के मोराल में बूस्टर डोज़ मिला। वहीं पंकज लूथरा समेत समर्थित पार्षदों का मोराल डाउन हो गया। अब चौथी मीटिंग का वक्त तय होने के बाद भी नहीं हुई। ऐसे में कुछ ने मेयर और स्टैंडिंग के बीच मतभेद वजह बताई। नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भी आरोप लगाया। लेकिन असल वजह का खुलासा होना अभी बाकी है।  

तो क्या मेयर स्टैंडिंग कमिटी को बाईपास करते हुए आर्थिक मामलों से जुडे़ कुछ मुद्दे सीधे सदन को भिजवाये जा रहे हैं? मेयर राजा इकबाल सिंह ने मतभेद और स्टैंडिंग को बाइपास करने के आरोपों से साफ इनकार करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी जो दिल्ली के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा थी, जनता ने उसे नकार दिया है। दिल्ली की रेखा सरकार और निगम मिलकर दिल्ली को विकसित बनाएंगे।

पहले कब-कब होती थी निगम की सबसे पावरफुल कमिटी की बैठकें

पहले निगम की बैठकें हर हफ्ते होती थीं। लेकिन साल 2022 में आम आदमी पार्टी के शासन में आने के बाद ढ़ाई साल तक सबसे पावरफुल स्टेंडिंग कमेटी का गठन नही हो पाया। साल 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में होने के बाद भी आम आदमी पार्टी डिफेक्शन और विधानसभा चुनाव में सत्ता से बेदखल होने के चलते दिल्ली नगर निगम की सत्ता भी खो बैठी।

Related posts

“Faansi Ghar” row: Privileges Committee will summon Kejriwal, Sisodia & Others

delhicivicalerts

एक्सपायरी सूज़ी देख भड़के शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष, एमसीडी ने भेज दिया शो कॉज़

delhicivicalerts

आईवीपी की.. उषा शर्मा बनी हरदयाल लाइब्रेरी की सचिव

delhicivicalerts

Leave a Comment