दिल्ली के निजामुद्दीन में एक बड़ा हादसा हुआ है. निजामुद्दीन में ही मुगल बादशाह हुमायूं की कब्र है. शुक्रवार को कब्र के पीछे स्थित दरगाह की छत अचानक भरभराकर गिर पड़ी. इस दौरान 10 से 15 लोग छत के मलबे के नीचे दब गए. मौके पर चीख-पुकार सुनकर लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी. मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम दबे लोगों को मलबे से निकालने का प्रयास कर रही है जिसमें से 10 से 12 लोगों को अभी तक निकल जा चुका है और दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में उन्हें भेजा गया है – जिनमें से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमे 3 महिला और 2 पुरुष की एम्स ट्रामा सेंटर में हुई मौत
हुमायूं का मकबरा दिल्ली शहर के निजामुद्दीन पूर्व में स्थित एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है. यहां मुगल बादशाह हुमायूं की कब्र है. हुमायूं की मौत के नौ साल बाद उसकी विधवा बेगम ने इसका निर्माण करवाया था. इसका निर्माण 1565-1572 के बीच हुआ था और यह भारतीय उपमहाद्वीप का पहला उद्यान मकबरा था. आज यहीं पर दरगाह की छत गिर पड़ी और 12 से 15 लोग मलबे में दब गए.
फिलहाल फायर ब्रिगेड की टीम रेस्क्यू ऑपेरशन में जुटी है. काफी संख्या में लोग मौके पर मौजूद हैं. अभी तक मलबे में दबे लोगों को निकालाने की क्वायद जारी है फायर ब्रिगेड ने बताया कि दरगाह की छत गिरी है. मलबे को हटाया जा रहा है. 12 से 15 लोगों के दबे होने की बात बताई जा रही है. हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सब लोगों को निकाला जा सके.
हुमायूं का मकबरा दिल्ली की मशहूर हजरत निज़ामुद्दीन की दरगाह के पास है. यह दरगाह 14वीं सदी के महान सूफी संत हजरत निज़ामुद्दीन औलिया की कब्र पर बनी है. हुमायूं के मकबरे के दक्षिण-पश्चिमी कोने में स्थित अफसरवाला मस्जिद और मकबरे का निर्माण मुगल बादशाह अकबर के दरबार के अधिकारियों की याद में किया गया था. यहां बहुत सी कब्रें हैं, जिनमें इन अधिकारियों के इंतिकाल की तारीखें उकेरी गई हैं.

