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दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले व्यापारी हुए लामबंद, बना रहे 10 प्वाइंट एजेंडा

अगले दो महीने में दिल्ली विधानसभा के चुनाव होने हैं।राष्ट्रीय राजधानी में व्यापारी वर्ग भी महत्वपूर्ण है।दिल्ली में कई विधानसभा क्षेत्रों में हजारों की संख्या में व्यापारी, दुकानदार, फैक्ट्री मालिक और मंडी कारोबारी रहते हैं। कारोबारियों के अपने विषय, मुद्दे, शिकायत, सुझाव और मांगें होती हैं। चुनाव से पहले राजनीतिक दल व्यापारी वर्ग को आकर्षित करने के लिए लोकलुभावन वादे तक करते हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में व्यापारियों की अहम भूमिका होती है। चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग, मॉडल टाउन, वजीरपुर, शालीमार बाग, रोहिणी, त्रिनगर, आदर्श नगर, शकूरबस्ती, गांधी नगर, कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, शाहदरा, मालवीय नगर, ग्रेटर कैलाश, कस्तूरबा नगर, आरके पुरम, मोती नगर, राजौरी गार्डन, तिलक नगर, जनकपुरी, राजेंद्र नगर और रिठाला जैसी 25 सीटों पर व्यापारी, उद्यमी, फैक्ट्री मालिक अच्छी संख्या में रहते हैं। इन विधानसभा क्षेत्रों में 40 से 50 प्रतिशत वोटों में कारोबारियों का प्रभाव रहता है। यानी साफ है करीब 25 विधानसभा सीटों पर 40 – 50% की संख्या में व्यापारी हैं और ये 20 लाख व्यापारी चुनाव की दशा और दिशा तय़ करें इससे पहले अपने मुद्दों का 10 सूत्री अजेंडा तैयार करने में जुट गए हैं।

10 पाॅइंट एजेंडा तैयार करेगा सीटीआई

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि राजनैतिक दलों के लिए व्यापारी वर्ग अछूता नहीं है। दिल्ली में कई सीटों पर ट्रेडर्स कम्युनिटी का असर है। ट्रेडर्स की नजर सभी दलों के वादों पर है। चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग, मॉडल टाउन, वजीरपुर, शालीमार बाग, रोहिणी, त्रिनगर, आदर्श नगर, शकूरबस्ती, गांधी नगर, कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, शाहदरा, मालवीय नगर, ग्रेटर कैलाश, कस्तूरबा नगर, आरके पुरम, मोती नगर, राजौरी गार्डन, तिलक नगर, जनकपुरी, राजेंद्र नगर और रिठाला जैसी 25 सीटों पर व्यापारी, उद्यमी, फैक्ट्री मालिक अच्छी संख्या में रहते हैं। इन विधानसभा क्षेत्रों में 40 से 50 प्रतिशत वोटों में कारोबारियों का प्रभाव रहता है।


9 लाख दुकानें और 2 लाख फैक्ट्रियां


दिल्लीभर के बाजारों में करीब 9 लाख दुकानें और करीब 2 लाख फैक्ट्रियां हैं। कपड़े, कैमिकल, किराना, मोटर स्पेयर पार्ट्स, फुटवियर, ज्वैलरी, टिंबर, फर्नीचर, ड्राई फ्रूट्स, बिजली, बर्तन, कॉस्मेटिक, हार्डवेयर एंड टूल्स के होलसेल बाजार हैं। होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, ब्यूटी पार्लर, सैलून, बुटीक, कोचिंग सेंटर्स जैसे संस्थान खूब चलते हैं।

दिल्लीभर के बाजारों में करीब 9 लाख दुकानें और करीब 2 लाख फैक्ट्रियां हैं। कपड़े, कैमिकल, किराना, मोटर स्पेयर पार्ट्स, फुटवियर, ज्वैलरी, टिंबर, फर्नीचर, ड्राई फ्रूट्स, बिजली, बर्तन, कॉस्मेटिक, हार्डवेयर एंड टूल्स के होलसेल बाजार हैं। होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, ब्यूटी पार्लर, सैलून, बुटीक, कोचिंग सेंटर्स जैसे संस्थान खूब चलते हैं। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि चुनाव से पहले व्यापारिक संस्थाएं अपनी मांगों का लेखा-जोखा बना रहा है। बृजेश ने बताया कि CTI व्यापारी वर्ग से सुझाव ले रहा है। 10 पॉइंट एजेंडा तैयार करेंगे। इसकी काॅपी आम आदमी पार्टी, बीजेपी, कांग्रेस को भेजेंगे। जो भी पार्टी ट्रेडर्स के मुद्दों पर काम करेगी, उसे व्यापारियों का सहयोग और समर्थन मिलेगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव में व्यापारियों को एकजुट होना है।

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