मंत्री सूद ने शब्दों में कहा कि दिल्ली में प्रदूषण कोई मौसमी समस्या नहीं है, बल्कि वर्षों की प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने पिछली सरकार पर केवल विज्ञापनों और झूठे आंकड़ों के माध्यम से जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
डेटा के साथ छेड़छाड़: सूद ने बताया कि कैग (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार, 2017-18 में लगाए गए 30% AQI मॉनिटरिंग स्टेशन जानबूझकर ‘ग्रीन एरिया’ में स्थापित किए गए थे ताकि प्रदूषण के वास्तविक स्तर को छिपाया जा सके।
वैज्ञानिक सोच का अभाव: उन्होंने कहा कि ‘ऑड-ईवन’ और ‘रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ’ जैसे अभियान केवल पीआर (PR) स्टंट थे। खुद DPCC और न्यायालयों ने इन उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए थे।
न्यायालय की फटकार: सूद ने याद दिलाया कि सर्वोच्च न्यायालय को हस्तक्षेप कर कहना पड़ा था कि “विज्ञापनों के लिए धन है, लेकिन RRTS जैसे महत्वपूर्ण परिवहन प्रोजेक्ट्स के लिए नहीं।”
वर्तमान सरकार के 10 महीनों के निर्णायक कदम
सूद ने बताया कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार “दिखावटी उपायों” के बजाय दीर्घकालिक प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
- कचरा प्रबंधन और लैंडफिल:
C&D वेस्ट नीति: 11 अक्टूबर 2025 से निर्माण कार्यों में पुनर्चक्रित सामग्री (Recycled Material) का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना सिविल कार्यों का भुगतान नहीं किया जाएगा।
कचरा प्रबंधन और लैंडफिल:
C&D वेस्ट नीति: 11 अक्टूबर 2025 से निर्माण कार्यों में पुनर्चक्रित सामग्री (Recycled Material) का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना सिविल कार्यों का भुगतान नहीं किया जाएगा।
लैंडफिल का अंत: भलस्वा लैंडफिल साइट को सितंबर 2026 तक पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 18 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण का टेंडर जारी हो चुका है।
बायोगैस प्लांट: डेयरी वेस्ट के वैज्ञानिक निपटान के लिए नंगली सकरावती और घोगा डेयरी में बायोगैस प्लांट शुरू किए गए हैं। - मैकेनिकल स्वीपिंग और नगर निगम का सशक्तिकरण:
धूल प्रदूषण को रोकने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन उपलब्ध कराई जाएगी।
नगर निगम को वित्तीय रूप से मजबूत करने के लिए ₹175 करोड़ जारी किए गए हैं और ₹500 करोड़ की अतिरिक्त सहायता प्रक्रियाधीन है। - सार्वजनिक परिवहन और ईवी नीति:
पिछली सरकार द्वारा रोकी गई ₹45 करोड़ की ईवी (EV) सब्सिडी को वर्तमान सरकार ने जारी करने का निर्णय लिया है।
मेट्रो फेज-4 और आरआरटीएस (RRTS) जैसे प्रोजेक्ट्स में आ रही अड़चनों को दूर कर सार्वजनिक परिवहन को मजबूत किया जा रहा है।
शिक्षा और बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोपरि
बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मंत्री महोदय ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने पहले चरण में 10,000 सरकारी स्कूल की कक्षाओं में एयर प्यूरीफायर लगाने के लिए आज टेंडर जारी कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों को इस सुविधा से लैस किया जाए ताकि प्रदूषण का असर बच्चों की शिक्षा और सेहत पर न पड़े। सूद ने अंत में दोहराया कि दिल्ली की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि पड़ोसी राज्यों की गतिविधियां यहां की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर ठोस कदम उठाकर इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। वर्तमान सरकार “लॉन्ग टर्म एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स” के माध्यम से दिल्ली को एक स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।

