दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने रवि भारद्वाज हत्याकांड का सनसनीखेज़ ब्लाइंड मर्डर केस सुलझा लिया है। तिल्लू गैंग से जुड़े तीन शार्प शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हुए और मौके से हथियार व चोरी की स्कूटी बरामद की गई।
19 मार्च 2026 को बवाना थाना क्षेत्र में हरेवली निवासी रवि भारद्वाज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने इलाके में दहशत फैला दी और इसे गोगी व तिल्लू गैंग की पुरानी दुश्मनी का हिस्सा माना गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की ARSC टीम ने जांच शुरू की।
तकनीकी विश्लेषण और मोबाइल डेटा की जांच से पता चला कि तिल्लू गैंग के सदस्य इसमें शामिल थे। जांच के दौरान चेतन्या (22) को गिरफ्तार किया गया, जिसने पीड़ित की जानकारी और लोकेशन शूटरों को दी थी। पूछताछ में सामने आया कि उसने गैंग के निर्देश पर पीड़ित की गतिविधियों की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा की थी।
इसके बाद 26 मार्च को रोहिणी सेक्टर-28 में पुलिस ने जाल बिछाया। रात करीब 12:50 बजे सफेद स्कूटी पर आए दो आरोपियों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपी घायल हुए और पकड़े गए। उनकी पहचान कुनाल उर्फ शंटी (23) और एक किशोर (CCL “A”) के रूप में हुई।
मुठभेड़ में ACP संजय नागपाल और HC रोहित को भी गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट ने उनकी जान बचाई। मौके से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, सात जिंदा कारतूस और चोरी की स्कूटी बरामद की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या तिल्लू गैंग और गोगी गैंग की पुरानी दुश्मनी का हिस्सा थी। गोगी की 2021 में रोहिणी कोर्ट में हत्या और 2023 में तिल्लू ताजपुरिया की तिहाड़ जेल में हत्या के बाद दोनों गुटों के बीच लगातार बदले की कार्रवाई चल रही है। रवि भारद्वाज की हत्या इसी सिलसिले की अगली कड़ी मानी जा रही है।
क्राइम ब्रांच ने इस सनसनीखेज़ केस को सुलझाते हुए गैंगवार की साजिश का बड़ा खुलासा किया है। आगे की जांच जारी है।
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