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चुनावी ड्यूटी से परेशान टीचर्स को “वन नेशन, वन इलेक्शन”  से कैसे होगा बड़ा फायदा? शिक्षा मंत्री ने बताया

“वन नेशन, वन इलेक्शन”  यानि “एक राष्ट्र एक चुनाव”  लागू होने में अभी समय है उससे पहले ही बीजेपी की दिल्ली सरकार ने सभी को लामबंद करना शूरू कर दिया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने  लोकतांत्रिक अध्यापक मंच के “एक राष्ट्र एक चुनाव”  प्रोग्राम में कहा कि भारत का मतदाता आज समझदार है। वह राज्य और केंद्र के मुद्दों को अलग-अलग समझता है,और सही फैसला लेता है। सोचिए, अगर हर 6 महीने चुनाव की बजाय, हर 5 साल में एक चुनाव हो, तो हमारी युवा पीढ़ी को सिर्फ प्रचार देखने की जगह नीति निर्माण और देश की दिशा में हिस्सा लेने का समय मिलेगा। यह केवल खर्च बचाने की बात नहीं बल्कि यह देश की विकास यात्रा को रोकने से बचाने की सोच है। मुझे भरोसा है कि आप सभी शिक्षक इस मिशन में एक अहम भूमिका निभाएंगे। आप सिर्फ स्कूल में पढ़ाने वाले नहीं हैं, आप देश की नींव रखने वाले हैं।

“One Nation, One Election” क राष्ट्र, एक इलेक्शन के लागू होने से सबसे ज्यादा फायदा टीचर्स को, ऐसे समझिए

शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण के काम में और वक्त और ऊर्जा देने का मौका मिलेगा। आज बदलाव की जरूरत है, और बदलाव की शुरुआत शिक्षा से होती है। उन्होंने यह भी कहा की आप सिर्फ स्कूल में पढ़ाने वाले नहीं हैं, आप देश की नींव रखने वाले हैं। उन्होंने कहा की एक नेशन, एक इलेक्शन से न केवल  शिक्षकों का कार्यभार कम होगा  बल्कि वे पढ़ाने और देश का भविष्य संवारने जैसे असली कार्यों पर ध्यान भी दे सकेंगे। One Nation, One Election” लागू होने से चुनाव प्रक्रिया सरल और आसान होगी। शिक्षकों को बार-बार चुनाव ड्यूटी पर नहीं लगाया जाएगा। शिक्षा पर अधिक फोकस किया जा सकेगा।

इसके साथ ही हर 5 साल में केवल एक बार चुनाव होने से  ₹12,000 करोड़ तक की बचत हो सकती है। इसका उपयोग स्कॉलरशिप देने में, स्मार्ट क्लासरूम बनाने में, रिसर्च को बढ़ावा देने में किया जा सकता है। देखा गया है की संसद और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से मतदान प्रतिशत बढ़ता है।

जैसे 1999 में एक साथ इलेक्शन  करवाने से  कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश में मतदान में  11.5% की वृद्धि हुई। इसी प्रकार आरुणाचल प्रदेश में  21%, केरल में 20% की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा की नही तो  शिक्षकों को BLO  बनाकर फील्ड में  भेज दिया जाएगा और आपसे इलेक्शन का  काम करवाया जाएगा।  इसने न केवल सरकार का समय पैसा और ऊर्जा का नुकसान होगा   बल्कि सरकारी स्कूल के बच्चों को सही और समय पर शिक्षा भी नहीं मिल पाएगी क्योंकि शिक्षक तो इलेक्शन के काम में लगे हुए होते हैं ।

दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल , NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव बब्बर भी मौजूद रहे।

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