दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति ने ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस को और अधिक ऐतिहासिक व भव्य बना दिया। गृह मंत्री की मौजूदगी विधायिका की गरिमा और लोकतंत्र में उनके दृढ़ विश्वास का प्रतीक है, जो सभी प्रतिनिधियों के लिए मनोबल और प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि ठीक 100 वर्ष पहले 24 अगस्त 1925 को ब्रिटिश शासनकाल में भारतीय मूल के विट्ठल भाई जावेरभाई पटेल केंद्रीय विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए थे। यह घटना भारतीयों के लिए गुलामी की जंजीरों को तोड़ने और लोकतंत्र की लौ जलाने वाली थी। विट्ठल भाई पटेल ने अंग्रेज़ प्रतिनिधि को हराकर भारतीयों का गौरव बढ़ाया और स्वतंत्र भारत का वह सपना देखा, जिसमें भारतीय अपने संविधान और झंडे तले नीति निर्माण करेंगे और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए विधानसभाओं में बैठेंगे। केंद्रीय विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में विट्ठल भाई पटेल जी ने संसदीय गरिमा और अनुशासन का सर्वोच्च स्तर स्थापित किया। उनकी निष्पक्षता, कानूनी समझ और विधायी ज्ञान ने उन्हें विपक्ष तक का सम्मान दिलाया। उनका जीवन कार्य भारत को ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ बनाने की दिशा में मार्गदर्शक रहा है।
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर विट्ठल भाई पटेल की गौरवगाथा को प्रदर्शनी, डॉक्यूमेंट्री और डाक टिकट के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने के प्रयास की सराहना की और रूप से गृह मंत्री अमित शाह जी का आभार व्यक्त किया, जिनकी गरिमामय उपस्थिति ने इस आयोजन को और ऐतिहासिक बना दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह जी ने हमेशा संसद में तथ्यपूर्ण, तर्कसंगत और संविधान संगत वक्तव्य दिए हैं। चाहे धारा 370 हटाने का निर्णय रहा हो या राजनीति में शुचिता लाने वाले नए कानून, उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा और जनता के हित में कार्य कर सभी प्रतिनिधियों के लिए मार्गदर्शन प्रस्तुत किया है।

