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लैंडफिल से मुक्ति, स्कूलों तक सुविधा: कमिश्नर का बजट दिल्ली को नई दिशा देने का वादा

दिल्ली नगर निगम आयुक्त अश्वनी कुमार ने एमसीडी का बजट 16530 करोड़ का पेश किया। स्थायी समिति के समक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट अनुमान और 2026-27 के बजट प्रस्ताव पेश किए। स्पीच में आयुक्त ने नागरिक सेवाओं के विकास, रखरखाव और सुधार को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि निगम दिल्लीवासियों को बेहतर सुविधाएँ देने के लिए प्रतिबद्ध है। है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर ज़ोर दिया गया।

बजट भाषण का सबसे बड़ा फोकस ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता पर रहा। आयुक्त ने नरेला-बवाना में 3000 टीपीडी क्षमता वाले वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और ओखला प्लांट की क्षमता 1950 से बढ़ाकर 2950 टीपीडी करने की घोषणा की। गाजीपुर में भी 2000 टीपीडी क्षमता वाले नए संयंत्र के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। इसके अलावा नंगली डेयरी और घोघा डेयरी में बायोगैस प्लांट शुरू किए गए हैं, जो यमुना की सफाई और गीले कचरे से ऊर्जा उत्पादन में मदद करेंगे।

स्पीच में बताया गया कि निगम ने अब तक भलस्वा, ओखला और गाजीपुर लैंडफिल साइट्स पर लाखों मीट्रिक टन कचरे की बायो-माइनिंग की है। निगम की क्षमता अब 30,000 टीपीडी प्रतिदिन से अधिक हो गई है। साथ ही 51 नई जीरो-वेस्ट कॉलोनियों का विकास किया गया है, जहां 100 प्रतिशत कचरे का स्रोत पर ही पृथक्कीकरण होता है।

स्वच्छता को लेकर निगम ने आधुनिक मशीनों की खरीद और रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था शुरू की है। 312 से अधिक बाजारों और 550 किलोमीटर सड़कों पर रात में सफाई की जा रही है।

वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए आयुक्त ने बताया कि संपत्ति कर संग्रह में 30 प्रतिशत वृद्धि हुई है और “सुनियो योजना” से 600 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई है। कर्मचारियों का वेतन और पेंशन समय पर देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

आयुक्त ने कहा कि निगम का लक्ष्य दिल्ली को स्वच्छ, टिकाऊ और नागरिक-अनुकूल शहर बनाना है। नागरिक सुविधा को और बढ़ाने के लिए शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर 20 और मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाएँ प्रस्तावित की जा रही हैं।

मुख्य वित्तीय विवरण

संशोधित बजट अनुमान (RBE) 2025-26:

  • आय: ₹15,679.72 करोड़
  • व्यय: ₹16,296.19 करोड़

बजट अनुमान (BE) 2026-27:

  • आय: ₹15,664.07 करोड़
  • व्यय: ₹16,530.50 करोड़

कर्मचारी कल्याण और वित्तीय अनुशासन

कर्मचारियों और ठेकेदारों से संबंधित बड़ी वित्तीय देनदारियों के बावजूद, आयुक्त ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों का वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन समय पर दी जा रही है। बकाया देनदारियों का भुगतान भी सख्त और अनुशासित वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से धीरे-धीरे किया जा रहा है, जिससे सेवाओं की निरंतरता, स्थिरता और समयबद्धता बनी हुई है।

–ख़बर यहीं तक

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