दिल्ली की गलियों में हर शाम जगमगाते ओपन टैरेस रेस्तरां अब मौत के जाल में बदलते जा रहे हैं। गोवा के ‘बर्च बाई रोमियो लेन’ हादसे में 25 से ज्यादा लोगों की जान गई, लेकिन सबक लेने के बजाय दिल्ली में वही खेल और भी बड़े पैमाने पर जारी है। निगम पार्षद मुकेश गोयल का दावा है कि एमसीडी की मिलीभगत से सैकड़ों ओपन टैरेस बार नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए चल रहे हैं—जहां आग पकड़ने वाली सजावट, अवैध निर्माण और बिना नवीनीकरण वाले लाइसेंस खुलेआम मौत को न्योता दे रहे हैं। करोलबाग होटल अग्निकांड की यादें ताज़ा हैं, फिर भी दिल्ली प्रशासन की चुप्पी इस आशंका को और गहरा करती है कि राजधानी में कभी भी गोवा से भी बड़ा अग्निकांड हो सकता है।
शनिवार को गोवा के ‘बर्च बाई रोमियो लेन’ के ओपन टैरेस में लगी आग में 25 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। आग लगते ही लोगों को भागने का मौका नही मिला। रेस्तरां में ओपन टैरेस को अवैध रूप से ना केवल ढंका गया बल्कि और उसमें आग पकड़ने वाली वस्तुओं का उपयोग किया गया था। हादसे ने दिल्ली में करोलबाग होटल के भीषण अग्निकांड की य़ाद दिला दी जिसमें कई जाने चली गईँ।
-दिल्ली में चल रहे ‘बर्च बाई रोमियो लेन’ के दो रेस्तरां, जमकर उड़ रहीं नियमों की धज्जियां
-शाहदरा साउथ जोन व शाहदरा नॉर्थ जोन में 31 मार्च के बाद नहीं हुआ लाइसेंसों का नवीनीकरण
दिल्ली में कभी भी गोवा जैसा अग्नि कांड हो सकता है ये आशंका जताई है इंद्रप्रस्थ विकास र्पार्टी के नेता और दिल्ली नगर निगम में वरिष्ठ निगम पार्षद मुकेश गोयल ने। गोयल का दावा है कि दिल्ली में तो गोवा से भी ज्यादा गंभीर स्थिति है और यहां गोवा से भी बड़ा हादसा हो सकता है।
मुकेश गोयल का दावा है कि एमसीडी अधिकारियों ने दिल्ली में ओपन टैरेस रेस्तराओं की संख्या कुल 63 बताई है। लेकिन हकीकत में ये संख्या सैकड़ों है।
गोयल का आरोप है कि नियमानुसार ओपन टैरेस रेस्तराओं में केवल खाना परोसा जा सकता है पर दिल्ली में ऐसे स्थानों पर एमसीडी अधिकारियों के साथ मिलीभगत से धड़ल्ले से अवैध बार चलाये जा रहे हैं। ओपन टैरेस रेस्तरां में किसी भी तरह का अस्थायी या स्थायी निर्माण नहीं किया जा सकता। ओपन टैरेस को मानसून शैड या तिरपाल से भी कवर नहीं किया जा सकता। ऐसे टैरेस को कवर करने के लिए किसी भी तरह का फ्रेम या फिक्स ढांचा खड़ा नहीं किया जा सकता है। परंतु दिल्ली में ऐसे मामलों में एमसीडी अधिकारियों की मिलीभगत से जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
मुकेश गोयल ने कहा कि हमें सूचना मिली है कि जिस ‘बर्च बाई रोमियो लेन’ नामक रेस्तरां में गोवा में आग की दुखद घटना हुई है, उसी का एक रेस्तरां केशव पुरम जोन और एक रेस्तरां सिटी एसपी जोन में चल रहा है। यहां भी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। केशव पुरम जोन में ही ‘निओ बा स्काई बार’ व ‘किंजो’ और सिटी एसपी जोन में ‘बोआ’ जैसे बार इसी तरह से चलाये जा रहे हैं और इनके संचालकों ने एमसीडी से लाइसेंस तक नहीं लिये हैं।
मुकेश गोयल ने आगे कहा कि एमसीडी के पब्लिक हैल्थ डिपार्टमेंट ने साउथ जोन में ओपन स्पेस रेस्ताओं की संख्या कुल 7 बताई है। जबकि साउथ जोन के डिप्टी हैल्थ ऑफिसर ने इस संख्या को 60 बताया है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस अवैध धंधे में किस तरह की मिलीभगत चल रही है। आश्चर्य की बात है कि शाहदरा उत्तरी क्षेत्र में 9 और शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र में 7 ओपन टैरेस रेस्तराओं को लाइसेंस जारी किये गये थे। परंतु 31 मार्च 2025 के बाद उनका नवीनीकरण तक नहीं किया गया है। जिसकी वजह से नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए एमसीडी को भी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
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