दिल्ली विधानसभा सिर्फ 100 दिनों के अंदर ही पेपरलेस हो गई। तो नेवा के तहत पूरी तरह डिजिटल बनने वाली देश की 18वीं विधानसभा बन गई है।

आने वाले वाले शीत कालीन सत्र में दिल्ली के पूरे विभाग, मंत्रियों के विभाग डिजिटल मोड में ही काम करें इसके लिए आने वाली 2 और 3 दिसंबर को ख़ास होने जा रहा है।
जीएनसीटीडी के 40 विभाग 2 और 3 दिसंबर 2025 को विधानसभा प्रश्नों के उत्तर देने, बिल पेश करने और राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) से ही सभी विधायी काम करें इसके लिए डिजिटल प्रशिक्षण पा सकेंगे। शीतकालीन सत्र के मद्देनजर, अब विधानसभा और जीएनसीटी दिल्ली के विभागों के बीच सभी प्रश्न, नोटिस, उत्तर और विधायी कार्य पूरी तरह से पेपरलेस और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किये जाएंगे।
2 दिसंबर— सामान्य प्रशासन, सेवाएँ, वित्त, उत्पाद शुल्क, व्यापार एवं कर, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, भूमि और भवन, सूचना एवं जनसंपर्क, सतर्कता, प्रशासनिक सुधार और योजना जैसे विभाग प्रशिक्षण लेंगे; जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन और आईटी विभाग प्रशिक्षण करेंगे। उसी दिन, विधि और न्याय, विधायी मामले, कला और संस्कृति, पर्यटन, आधिकारिक भाषा और विकास विभाग; तथा सामाजिक कल्याण, एससी/एसटी कल्याण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उद्योग और पर्यावरण एवं वन विभाग प्रशिक्षण लेंगे।
3 दिसंबर — गृह, शहरी विकास, DUSIB, शिक्षा, उच्च शिक्षा, प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा तथा संबंधित विभाग प्रशिक्षण लेंगे; साथ ही लोक निर्माण विभाग, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण, जल और गुरुद्वारा चुनाव विभाग प्रशिक्षण करेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र के साथ, 100% पेपरलेस संचालन में यह बदलाव विधायी कार्यों की दक्षता, पारदर्शिता और सुचारु संचालन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा।
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