DelhiCivicAlerts
BREAKING NEWSDelhi AlertsRashtriya Swayamsewak Sangh ( RSS)

व्यूज नहीं, वैल्यूज के लिए हो पत्रकारिता” — एनआईओएसनोएडा में उठी आवाज

नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एनआईओएस के कल्याण सिंह सभागार में 3 मई 2026 को प्रेरणा शोध संस्थान न्यास और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के संयुक्त तत्वावधान में “200वां हिंदी पत्रकारिता दिवस एवं देवर्षि नारद जयंती समारोह” का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने पत्रकारिता में ‘वैल्यूज’, सत्य और संवेदनशील संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

नोएडाप्रेरणा शोध संस्थान न्यास एवं एनआईओएस के संयुक्त तत्वावधान में “200वां हिंदी पत्रकारिता दिवस एवं देवर्षि नारद जयंती समारोह” संपन्नप्रेरणा शोध संस्थान न्यास एवं राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के संयुक्त तत्वावधान में आज, 3 मई 2026 को “200वां हिंदी पत्रकारिता दिवस एवं देवर्षि नारद जयंती समारोह” कल्याण सिंह सभागार, एनआईओएस, सेक्टर-62, नोएडा में संपन्न हुआ।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ सलाहकार संपादक, डीडी न्यूज़ रीमा पाराशर ने कहा कि नारद जी को अभी तक हास्य पात्र के रूप में दिखाया गया, लेकिन वे सूचनाओं का आदान-प्रदान करने वाले ज्ञान के वाहक थे। ऐसे ही संघ के बारे में गलत नैरेटिव चलाया गया। मैंने 29 साल में देखा कि केदारनाथ त्रासदी हो या कोई भी आपदा, सबसे पहले निस्वार्थ सेवा के लिए संघ के स्वयंसेवक पहुँचते हैं। AI के युग में हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है। हमें नारद जी से सीखना है कि सिर्फ संदेशवाहक नहीं, सही और संवेदनशील संदेश पहुँचाना हमारा धर्म है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष समूह सलाहकार संपादक, अमर उजाला ग्रुप उदय कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि देवर्षि नारद ने जो पत्रकारिता का ध्यान दिया, अगर विद्वता से देखें तो उन्होंने ‘सत्यम् शिवम् सुंदरम्’ की पत्रकारिता की। उन्होंने बताया कि फिल्मों का हमारे जीवन में योगदान है, लेकिन फिल्मों में नैरेटिव ऐसे बनाये गये कि मनोरंजन के लिए हमारे धार्मिक पात्र भी मनोरंजक बना दिए गए। नारद जी को चुगली का प्रतीक बता दिया गया।उन्होंने कहा कि 200 साल पहले मई में ‘उदन्त मार्तण्ड’ शुरू हुआ था। एक व्यक्ति ने हिम्मत की, लेकिन अखबार मात्र एक वर्ष में बंद हो गया। आज सूचना बहुत है, पर ज्ञान नहीं है। हमें तय करना होगा कि हम सूचना का वाहक बनें या ज्ञान वाहक। नारद जी संवाद से समाधान देते थे। पत्रकारिता ‘व्यूज’ के लिए नहीं ‘वैल्यूज’ के लिए होनी चाहिए।” उन्होंने सनातन का उल्लेख करते हुए सुंदर कांड और रामचरित मानस का उदाहरण देते हुए पत्रकारों को उससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता कृपाशंकर, प्रचार प्रमुख, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने संघ की स्वतंत्रता संग्राम और नए भारत के निर्माण में भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ मानता है कि सत्य, स्वाधीनता और समाज-जागरण ही पत्रकारिता का मूल धर्म है।उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देवर्षि नारद को ब्रह्मांड का पहला पत्रकार मानता है। नारद जी तीनों लोकों में जाकर सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे। उनका उद्देश्य धर्म की रक्षा और संसार में संतुलन बनाए रखना था।इस कार्यक्रम में विभिन्न मीडिया संस्थानों से पत्रकार, संवाददाता, इंन्फ्लुएन्सर, ब्लॉगर और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित 250 से अधिक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर अखिलेश मिश्र, अध्यक्ष, एनआईओएस ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। वंदेमातरम् के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

ख़बर यहीं तक

Related posts

मतदान में भागीदारी को बढ़ावा: करोल बाग ज़ोन और रोहिणी ज़ोन में शुरू हुआ ‘डेमोक्रेसी डिस्काउंट’

delhicivicalerts

MCD की इस वेब एप्लिकेशन से खोज़ें अपना बूथ

delhicivicalerts

Failure of the BJP Government to repair the broken roads over the past seven months except making empty claims—Devender Yadav

delhicivicalerts

Leave a Comment