निगम शासित बीजेपी पंजाबी बाग श्मशान घाट और भारत दर्शन पार्क में पार्किंग देकर दिल्ली वालों को सहुलियत देने का वादा किया वहीं इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) ने अफसर-माफिया गठजोड़ का मुद्दा उठाकर निगम में करोड़ो का घाटा हो रहा है।
पार्किंग माफिया पर अफसरों के साथ मिलकर एमसीडी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाये हैं। मेयर राजा इकबाल सिंह और निगम आयुक्त अश्विनी कुमार से मांग की है कि जिन 82 पार्किंग स्थलों के टेंडर जुलाई महीने में किये गये थे, उनकी फाइनेंशियल बिड तुरंत खोलकर एमसीडी को हो रहे बड़े नुकसान को रोका जाये।
इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) वरिष्ठ निगम पार्षद, मुकेश गोयल
82 पार्किंग टेंडर की बिड तुरंत खोलें!
गोयल ने दावा किया कि कई पार्किंग स्थलों की बिड पहले से कई गुना ज्यादा आई हैं, लेकिन पुराने ठेकेदार उन्हें छोड़ना नहीं चाहते। अफसरों के साथ मिलकर वे कम मासिक शुल्क पर अलॉटमेंट कराने की कोशिश कर रहे हैं। एमसीडी के लाभकारी परियोजना विभाग (R.P.Cell) ने 3 क्लस्टर सहित कुल 82 पार्किंग स्थलों की ईटेंडरिंग 11 जुलाई, 2025 को की थी। इसके लिए 4 अगस्त तक बिड दाखिल किये गये थे और 5 अगस्त को टेक्नीकल बिड खोली गई थी। दो महीने का समय होने जा रहा है और इसकी फाइनेंशियल बिड अभी तक नहीं खोले गये हैं। जिसकी वजह से पहले से आर्थिक तंगी में चल रहे एमसीडी को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
बिडिंग की टाइमलाइन:
- 11 जुलाई को 82 पार्किंग स्थलों के लिए ई-टेंडरिंग
- 4 अगस्त तक बिड जमा
- 5 अगस्त को टेक्निकल बिड खुली
- लेकिन अब तक फाइनेंशियल बिड नहीं खोली गई!
अफसर-माफिया गठजोड़ से लटक रहा फाइनेंशियल बिड का फैसला
मुकेश गोयल ने बताया कि ऐसी चर्चाएं हैं कि पार्किंग माफिया एमसीडी के कुछ अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके कुछ बड़े पार्किंग स्थलों का अलॉटमेंट कम मासिक शुल्क पर कराने की कोशिशों में जुटा है। जिसकी वजह से एमसीडी को हर साल करोड़ों रूपये का नुकसान होने की आशंका है। विभिन्न स्रोतों से सूचना मिली है कि कई पार्किंग स्थलों की बिड पहले के मुकाबले कई-कई गुना ज्यादा आई हैं। परंतु पुराने ठेकेदार इन पार्किंग स्थलों को छोड़ना नहीं चाहते, जिसके लिए वह अधिकारियों के साथ जोड़-तोड़ करने में जुटे हैं।
दिल्ली में पार्किंग माफिया की नई मोडस ऑपरेंडी
पार्किंग माफिया ने नई मोडस ऑपरेंडी यानि अवैध काम को अंजाम देने का नया तरीका निकाला है। निगम की वैध और अलॉटेड पार्किंग के बीच के खाली हिस्से का इस्तेमाल पार्किंग माफिया बिल्कुल वैध तरीके से करने लगा है। दिल्ली के रोहिणी इलाके में सिटी सेंटर मॉल और सरोज अस्पताल पूर्वी और उत्तरी दिशा में अलॉटेड पार्किंग के बीच अवैध वसूली का खेल लगातार जारी है। लोगों से मनमाना वसूली की जा रही है। यहां पर पार्किंग में अवैध वसूली के शिकायतकर्ता ने बताया कि मजबूरी वश वहां रोज़ गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है। दूसरा झटका बड़ी रकम वसूली करने वाला पार्किंग माफिया देता है। बातचीत में उसने बताया कि यहां पर न तो पार्किंग ठेकेदार और ना ही पार्किंग मालिक के नाम का बोर्ड लगा है। शिकायतकर्ता ने हमसे रोहिणी ज़ोन के इंसपेक्टर आर.पी.सेल धीरज के संरक्षण में ये पार्किंग चलने की बात कही।
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