आयोग(सीएक्यूएम) ने दिल्ली सरकार को तकनीकी व ढांचागत कमी दूर कर 1 नवंबर से ELV वाहनों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। तो वहीं दिल्ली सरकार की मांग पर अब गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर व सोनीपत में भी 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। साफ है मुसीबत टल गई लेकिन अब एनसीआर भी इसकी ज़द में होगा। वहीं वाहनों को स्क्रेप करा चुके लोगों का गुस्सा एक्स पर दिखा। ताज़ा राहत मिलने पर शहरी मामलों के जानकार जगदीश ममगाईं ने एक्स पर लिखा…
दिल्ली को तो मरवाया, दिल्ली सरकार की मांग पर अब गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर व सोनीपत में भी 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। कई दिल्लीवासियों ने अपनी गाड़ी औने-पौने दामों में बेची, मेरे जैसे कईयों ने स्क्रेप करवा भारी घाटा उठाया। अब अगले पौने 4 माह में ऐसी गाड़ियों की सूची और बढ़ जाएगी।
सरकारी फैसले के महज 1 हफ्ते के अंदर पुरानी गाड़ी के मालिकों ने छुटकारा पाने के लिए मामूली दाम पर अपनी गाड़ियां बेंच डाली तो कमर्शियल काम में लगे वाहनों का पहिया थम गया। कई ट्रांसपोर्टर्स ऐसे भी हैं जिन्होंने वाहन जब्त होने के डर से वाहन से माल ढोना ही बंद कर दिया।
@gupta_rekha नीत सरकार के एक बयानबाज मंत्री ने 3 मार्च 2025 को कहा 15 साल से पुराने पेट्रोल और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को 1 अप्रैल से दिल्ली में ईंधन नहीं मिलेगा। फिर कहा 1 जुलाई से नहीं मिलेगा। जनाक्रोश हुआ तो 3 जुलाई को तकनीकी व ढांचागत चुनौतियों के नाम पर इसको लागू करने पर रोक की मांग कर दी। बहती गंगा में हाथ धोते हुए @LtGovDelhi ने भी सीएम @gupta_rekha को चिट्ठी लिख कहा कि दिल्ली अभी इस तरह की योजना के लिए तैयार नहीं, फैसले को स्थगति करने की मांग कर दी।
जब 3 मार्च को दिल्ली सरकार ने 1 अप्रैल से तेलबंदी की घोषणा की तब @LtGovDelhi @gupta_rekha व उनकी कैबिनेट की आत्मा नहीं जागी, अब 4 महीने बाद जागी!दिल्ली के मुख्य सचिव ने 7 जुलाई को पत्र लिख कहा कि दिल्ली में प्रतिबंध का लाभ तब तक नहीं होगा, जब तक एनसीआर के लगते जिलों में यह कानून समान रुप से लागू नहीं होगा। आयोग(सीएक्यूएम) ने दिल्ली सरकार को तकनीकी व ढांचागत कमी दूर कर 1 नवंबर से कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा दिल्ली सरकार के सक्रिय हस्तक्षेप के बाद कमीशन ने एंड-ऑफ-लाइफ (EoL), यानी तय आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों पर ईंधन प्रतिबंध से जुड़े दिशा-निर्देशों में ना केवल संशोधन किया बल्कि कमीशन ने एंड-ऑफ-लाइफ के खिलाफ एक्शन को 1 नवंबर तक स्थगित कर दिया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने जब यह देखा कि प्रतिबंध के कारण नागरिकों की आजीविका और रोज़मर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है, तब हमने तुरंत हस्तक्षेप कर CAQM को पत्र लिखा और जनभावनाओं से अवगत कराया। हम सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर, एक दीर्घकालिक, न्यायसंगत और व्यावहारिक समाधान की दिशा में प्रयासरत रहेंगे। पूर्ववर्ती सरकारें इस विषय पर वर्षों तक मौन रहीं और आम लोगों को बिना राहत के छोड़ दिया गया, लेकिन हमारी सरकार दिल्ली की ज़रूरतों को समझती है। हमारी सरकार ज़मीनी सच्चाई, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानवीय संवेदना को केंद्र में रखकर काम करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि CAQM द्वारा 1 नवंबर तक दिए गए समय का भरपूर उपयोग करते हुए दिल्ली सरकार नागरिकों को और अधिक राहत देने के लिए हर विकल्प पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है कि जनहित और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे। आने वाले दिनों में सरकार जनप्रतिनिधियों, नागरिक संगठनों और विशेषज्ञों से संवाद कर इस विषय पर ठोस और व्यावहारिक रणनीति बनाएगी।

