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दिल्ली के अस्पताल हो जाएंगे पूरी तरह से पेपरलेस? मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज करेंगी आग़ाज़

क्या है करामाती हॉस्टपीटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (HIMS)

राजधानी के चिकित्सा व स्वास्थ्य प्रणाली में एक बड़ा व ऐतिहासिक बदलाव होने का दावा करने वाली दिल्ली सरकार की मुखिया रेखा गुप्ता आज यानि 24 जुलाई को दिल्ली सचिवालय में औपचारिक रूप से अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली (एचआईएमएस) का आधिकारिक रूप से शुभारंभ करेंगी। राजधानी दिल्ली में कागज़ रहित, तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य सेवामिलेगी ही ऑनलाइन 34 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, 8 जन औषधि केंद्रों का उद्घाटन भी होगा। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी होंगे। यह सेवा पूरी तरह से डिजिटाइज्ड, एकीकृत और पेपरलेस स्वास्थ्य प्रणाली की की तरफ दिल्ली को ले जाएगी।

20 डिजिटल मॉड्यूल देंगे डिजिटल हेल्थकेयर ट्रांसफॉर्मेशन

इसमें 20 डिजिटल मॉड्यूल जैसे ओपीडी/आईपीडी पंजीकरण, प्रयोगशाला और रेडियोलॉजी एकीकरण, इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड्स, इन्वेंट्री और ऑपरेशन थिएटर प्रबंधन, तथा केंद्रीकृत अस्पताल डैशबोर्ड। ओपीडी और आईपीडी। सिस्टम के लिए प्रशिक्षण दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों में पहले ही पूरा हो चुका है। अब तक 93 लाख से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) आईडी पहले ही बनाई जा चुकी हैं, जो दिल्ली के नागरिकों के लिए एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स की आधारशिला रखेंगी।

मुख्यमंत्री खा गुप्ता गुरुवार को ही ऑनलाइन 34 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, 8 जन औषधि केंद्रों का उद्घाटन भी करेंगी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम- एबीएचआईएम) के अंतर्गत स्थापित किए गए इन 34 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के साथ दिल्ली में अब कुल 67 कार्यरत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होंगे। ये केंद्र गर्भवती महिलाओं और प्रसवोत्तर देखभाल, टीकाकरण, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, क्षय रोग और कुष्ठ रोग का उपचार, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, योग थेरेपी, टेलीमेडिसिन और इन-हाउस लैब जांच जैसी सेवाएं प्रदान करेंगे।

आपको बता दें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से ये नेक्स्टजेन हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (HIMS)  शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के अंतर्गत 8 नए जन औषधि केंद्र दिल्ली के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में खोले जाएंगे, जिससे इनकी संख्या बढ़कर 25 हो जाएगी। ये केंद्र 2000 से अधिक जेनेरिक दवाइयां और 300 से अधिक शल्य चिकित्सा उपकरण बाजार मूल्य से 50–80 प्रतिशत कम दरों पर उपलब्ध कराएंगे, जिससे मरीजों के खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी।

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