DelhiCivicAlerts
BREAKING NEWSDelhi Alerts

तुर्की और अज़रबैजान की खैर नही..व्यापार अब और नहीं..व्यापारियों ने दिखाया बड़ा दिल.. नेशनल डिफेंस फंड में करेंगे योगदान

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन में तय किया कि तुर्की और अज़रबैजान के साथ सभी व्यापारिक संबंध खत्म होंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कैट की स्ट्रैटेजिक एडवाइज़र स्मृति ईरानी ने CAIT से कहा कि नेशनल डिफेंस फंड (राष्ट्रीय रक्षा कोष) में व्यापारी योगदान करें।  जिससे शहीद सैनिकों के परिवारों की सहायता में व्यापार समुदाय भी सक्रिय भूमिका निभा सके। “एक पूर्व सांसद होने के नाते मुझे जो पेंशन मिलती है, वह मैंने आज तक नहीं ली है। अब मैं यह पूरी पेंशन नेशनल डिफेंस फंड को समर्पित कर रही हूं। यह मेरा कर्तव्य है और मेरा सौभाग्य भी।” कोई सरकारी आदेश नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अपील है—उन माताओं, बहनों और पत्नियों के नाम, जिनके अपनों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है।

राजधानी दिल्ली में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के  राष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन में देशभर से आए 125 से व्यापारी नेताओं ने सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया कि भारत का व्यापारिक समुदाय तुर्की और अज़रबैजान के साथ हर प्रकार के व्यापार एवं व्यावसायिक संबंधों का पूर्ण बहिष्कार करेगा, जिसमें यात्रा और पर्यटन भी शामिल है।

तुर्की और अज़रबैजान के ख़िलाफ शपथ लेते कैट के व्यापारी

व्यापारिक समुदाय ने भारतीय फिल्म उद्योग से भी अपील की है कि वे तुर्की और अज़रबैजान में किसी भी प्रकार की फिल्म की शूटिंग न करें, और यदि कोई फिल्म वहाँ शूट होती है, तो व्यापार जगत और आम जनता ऐसे फिल्मों का बहिष्कार करेगी। सम्मेलन में यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी कॉरपोरेट हाउस तुर्की और अज़रबैजान में अपने उत्पादों के प्रमोशन की शूटिंग नहीं करेगा।

सम्मेलन में देश के 24 राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया व्यापारिक समुदाय का मानना है कि यह भारत के साथ एक प्रकार का विश्वासघात है

CAIT के महासचिव एवं सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा: “यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि तुर्की और अज़रबैजान, जिन्होंने भारत की सद्भावना, सहायता और रणनीतिक समर्थन का लाभ उठाया, आज पाकिस्तान का साथ दे रहे हैं – जो विश्व स्तर पर आतंकवाद के समर्थन के लिए जाना जाता है। उनका यह रुख भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों पर आघात है और साथ ही 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं का भी अपमान है। भारतीय व्यापारिक समुदाय हमेशा राष्ट्र के साथ खड़ा रहा है। जब कोई देश भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देता है, तो हम उसका उत्तर शांति के सबसे प्रभावशाली अस्त्र – आर्थिक बहिष्कार – के माध्यम से देंगे।”

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार भारत विरोधी बयान देना और पाकिस्तान की बात का समर्थन करना अस्वीकार्य है, जबकि अज़रबैजान का तुर्की के साथ खड़ा होना और पाकिस्तान के पक्ष में सार्वजनिक बयान देना भारत की दोस्ती और सहयोग के प्रति अनादर दर्शाता है।

मुख्य निर्णय:

1. तुर्की और अज़रबैजान के उत्पादों का देशव्यापी बहिष्कार:

भारत के व्यापारी अब तुर्की और अज़रबैजान से आयात-निर्यात बंद करेंगे।

2. व्यापारिक संबंधों पर पूर्ण विराम:

भारतीय निर्यातकों, आयातकों और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को इन देशों की कंपनियों या संस्थानों के साथ किसी भी प्रकार की व्यावसायिक साझेदारी से रोका जाएगा।

3. यात्रा और पर्यटन योजनाओं का बहिष्कार:

यात्रा एजेंसियों और इवेंट प्लानर्स से अनुरोध किया जाएगा कि वे तुर्की और अज़रबैजान को पर्यटन या व्यावसायिक गंतव्य के रूप में प्रचारित न करें।

4. भारत सरकार से अपील:

व्यापार और उद्योग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें इन देशों के साथ सभी व्यावसायिक संबंधों की नीति स्तर पर समीक्षा की मांग की जाएगी।

Related posts

Zero Tolerance on Polluters: Over 1 Lakh PUC certificates Issued to Vehicles during The three-day drive, while 47,600 PUCC Issued in a Single Day on 19th Dec

Ruby Singh

करीब 52 करोड़ खर्च के बावजूद डीटीसी की बसों में सीसीटीवी ऑपरेशनल नहीं हुए परिवहन मंत्री

Ruby Singh

बेसमेंट निर्माण बना हादसे की वजह: भिवाड़ी से तीन आरोपी गिरफ्तार, सात की मौत

Ruby Singh

Leave a Comment