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शिक्षा मंत्री ने स्कूलों में फीस बढ़ने के खिलाफ जांच बिठाई, ई-मेल जारी कर शिकायत मांगी

2004 के मॉर्डन स्कूल के केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कर दिया था कि किसी भी प्राइवेट स्कूल को फीस बढ़ाने से पहले दिल्ली शिक्षा निदेशालय की मंजूरी लेना जरूरी है। बावजूद इसके निजी स्कूलों की मनमानी जारी है। हालांकि पैंरेंट्स के लिए अच्छी खबर ये है कि स्कूलों में फीस वृद्धि को लेकर कोई भी शिकायत हैं वह मेल कर सकते हैं।

दिल्ली शिक्षा निदेशालय के दफ्तर में जाकर भी शिकायत कर सकते हैं। ईमेल आईडी ddeact1@gmail.com को शिक्षा मंत्री ने जारी कर दिया है। दिल्ली के शिक्षा इतिहास में पहली बार डीपीएस, द्वारका स्कूल की जांच के लिए डीएम के आदेश पर जांच कमेटी सरकार ने बना दी है। डीएम कापसहेड़ा के डीपीएस द्वारका स्कूल की जांच कर रहे हैं। DPS द्वारका में साल दर साल स्कूल फीस बढ़ी थी। डीपीएस द्वारका में  लगातार पांच साल स्कूल फीस बढ़ी है। सेंट ट्यूटोरियल स्कूल में फीस बढ़ी थी, लक्ष्मी पब्लिक स्कूल में भी फीस बढ़ी। 

पता लगा है कि पिछली सरकार के 10 सालों के शासनकाल में दिल्ली के 1677 प्राइवेट स्कूलों में से सिर्फ 75 स्कूलों का ही हर साल ऑडिट किया गया है। दिल्ली एजुकेशन एक्ट के तहत सभी स्कूलों का हर साल ऑडिट करवाना जरूरी है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि दिल्ली में 1677 प्राइवेट स्कूल हैं, जिनमें से 335 सरकारी जमीन पर बने हैं ।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि, “10 साल का ऑडिट रिपोर्ट शिक्षा विभाग के पास मौजूद ही नहीं है।  किसी भी स्कूल का दिल्ली शिक्षा निदेशालय के पास ऑडिट रिपोर्ट जमा ही नहीं करवाया है।” क्या दिल्ली की सरकार ने ऐसी कोई पॉलिसी बनाई थी कि स्कूलों को फीस बढ़ाने से रोक सकें।  शिक्षा मंत्री ने बताया कि मनीष सिसोदिया एलकॉन  इंटरनेशनल का बार-बार नाम ले रहे हैं। सूद ने यह भी बताया कि डीपीएस, द्वारका स्कूल ने 2020 से लेकर 2025 तक बीते पांच सालों में लगातार 20 , 13, 9, 8, 7  फीसदी फीस बढ़ाई गई है। पिछली सरकार के शासन में सृजन स्कूल में 35 फीसदी फीस बढ़ाई गई। सृजन स्कूल में साल 2024-25 में 36 फीसदी फीस बढ़ाई गई।  एलकॉन इंटरनेशनल ने 15 करोड़ रुपए बिना मर्जी के खर्च कर घपला किया था,  फिर भी उस स्कूल को 2022-23 में  15 फीसदी फीस बढ़ाने की अनुमति दे दी गई।  एलकॉन स्कूल ने 2024-25 में 13 फीसदी फीस बढ़ाई फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।  एंजल पब्लिक स्कूल  ने 42 लाख रुपए अनियमितता के लिए नोटिस दिया गया था। फिर भी स्कूल ने 2022-23 में 14 फीसदी फीस बढ़ा दी।

रुकमिनी देवी पब्लिक स्कूल ने 11 फीसदी फीस बढ़ाई। लैंसर कॉन्वेंट ने 2024-25 में 34 फीसदी फीस बढ़ाई थी। आतिशी मार्लिना की सरकार ने तब क्यों नहीं कार्रवाई की। 

सलवान पब्लिक स्कूल का नाम ले रहे हैं। इस स्कूल को 1 करोड़ 68 लाख रुपए का घपला पकड़ा गया। इस स्कूल ने भी 2023-24 में 23.84 फीसदी और 2024-25 में 14.68 फीसदी फीस बढ़ाई। और पिछली सरकार कहती है कि

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने  पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लिना और पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की सरकार में दिल्ली के स्कूलों में तथाकथित बढ़ाई गई फीस के संबंध में सफाई देने के लिए आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉनफ्रेंस की। प्राइवेट स्कूलों के जरिए पिछली सरकार किस तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त थी। मैं चुनौती देता हूं मनीष सिसोदिया को कि अगर उनके पास भ्रष्टाचार के संबंध में कोई भी सबूत हैं।  तो टीबी के सामने आकर सरकार पर झूठे आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाएं। अगर उनको लगता है कि भ्रष्टाचार हो रहा है तो थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराएं। हमारी सरकार पर झूठे आरोप लगाएं जा रहे हैं कि दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ाने के लिए हम साजिश कर रहे हैं। मैं चुनौती देता हूं जिस स्कूल के बारे में बार-बार मनीष सिसोदिया जिक्र कर रहे हैं। जब उनकी सरकार थी तब उन्होंने फीस बढ़ाने पर क्या कार्रवाई की है। हमारी सरकार हर प्राइवेट स्कूलों की जांच करवाएंगी की किस-किस ने भष्टाचार किया है।और दिल्ली में पिछले 10 वर्षों में किस स्कूल ने कितनी फीस बढ़ाई है.

एसडीएम के नेतृत्व में 1677 निजी स्कूलों में ऑडिट रिपोर्ट लेने के लिए कमेटी बानकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। हर निजी स्कूल को 1973 के एक्ट में जो भी नियम कानून है उसका पालन करना ही होगा। जांच कमेटी बनाई गई है उसमें एसडीएम के साथ-साथ तहसीलदार और अकाउंट विभाग के लोग भी शामिल हैं। 

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