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“सफाईकर्मी निगम के असली नायक… तो बाबा साहब बिना भेदभाव के न्याय और समानता की एक नज़ीर”

दिल्ली नगर निगम द्वारा आज बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम, सिविक सेंटर में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।

महेश कुमार, आयुक्त अश्वनी कुमार व निगम के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सिविक सेंटर स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई।

दिल्ली के महापौर महेश कुमार ने भारत रत्न, संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक नाम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता, और मानव अधिकारों का प्रतीक हैं। उन्होंने अपने जीवन में अपार संघर्षों का सामना करते हुए, शिक्षा और संविधान के माध्यम से भारत को एक नई दिशा दी।उन्होंने न केवल संविधान का निर्माण किया, बल्कि उसमें हर वर्ग, हर जाति और हर धर्म के लोगों के अधिकार सुनिश्चित किए।
उनके विचार आज भी हमें प्रेरणा देते हैं कि हम एक समावेशी समाज की स्थापना करें, जहाँ हर व्यक्ति को समान अवसर मिले। उनके प्रसिद्ध नारे- ‘शिक्षित बनो संगठित रहो संघर्ष करो’ से हमें अपने जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए

महापौर महेश कुमार ने सफ़ाई कर्मचारियों के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिल्ली नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था की मजबूत नींव हमारे सफाई कर्मी हैं। उनकी निष्ठा, परिश्रम और निरंतर सेवा भावना के बिना स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ दिल्ली की कल्पना भी अधूरी है। वे न केवल नगर निगम के, बल्कि पूरे समाज के असली नायक हैं।

दिल्ली नगर निगम, बाबा साहब के दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सेवाओं के क्षेत्र में उनके आदर्शों को आधार मानकर कार्य कर रहे हैं। यह संकल्प लें कि हम डॉ. अंबेडकर जी के सपनों के भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देंगे — एक ऐसा भारत जो जातिवाद, भेदभाव और असमानता से मुक्त हो।

आयुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर एक दूरदर्शी अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता, समाज सुधारक, शिक्षाविद् और संविधान निर्माता थे। उन्होंने विश्व के श्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर अपने ज्ञान का उपयोग देश और समाज के उत्थान के लिए किया। उन्होंने सामाजिक समानता, आत्म-सम्मान और मानवाधिकारों की जो अलख जगाई, वह आज भी हमारी नीति और दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करती है।

आयुक्त ने निगम विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रेरणादायक नुक्कड़ नाटक की सराहना करते हुए कहा कि निगम स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही मार्गदर्शन मिले, तो ये छात्र न केवल अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि देश का नाम भी रोशन करेंगे।

कार्यक्रम में आयुक्त ने गीता का श्लोक उद्धृत कर सभी को समान दृष्टि से देखने की प्रेरणा दी और कहा कि बाबा साहब बिना भेदभाव के न्याय और समानता में विश्वास रखते थे। कृष्ण ने अर्जुन को कहा था

आत्मौपम्येन सर्वत्र समं पश्यति योऽर्जुन ।
सुखं वा यदि वा दुःखं स योगी परमो मतः ॥32॥

नेता कांग्रेस नाज़िया दानिश ने कहा कि बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर एक महान भारतीय न्यायविद्, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, समाजसुधारक और भारतीय संविधान के वास्तुकार थे। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अल्पसंख्यकों, दलितों और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष किया।

दिल्ली के महापौर महेश कुमार, आयुक्त अश्वनी कुमार, नेता कांग्रेस नाज़िया दानिश, अतिरिक्त आयुक्त जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त आयुक्त वीर सिंह यादव, अतिरिक्त आयुक्त पंकज नरेश अग्रवाल, प्रमुख अभियंता के पी सिंह
क्षेत्रीय उपायुक्त, वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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