नरेला में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की आवास योजनाओं को जबरदस्त सफलता मिली है। कर्मयोगी आवास योजना और नागरिक आवास योजना के तहत 700 से अधिक फ्लैट बिक चुके हैं, जिससे यह क्षेत्र दिल्ली का उभरता हुआ आधुनिक सब-सिटी बनता जा रहा है।
माननीय उपराज्यपाल दिल्ली तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में DDA ने नरेला में अपनी आवास योजनाओं को लेकर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।
कर्मयोगी आवास योजना 2025 के तहत सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए सेक्टर A1–A4, पॉकेट 6 में 936 अतिरिक्त फ्लैट्स की पेशकश की गई। 26 मार्च 2026 को रामनवमी के शुभ अवसर पर बुकिंग शुरू हुई और केवल दो दिनों में ही 400 से अधिक फ्लैट्स बुक हो गए। इससे पहले पॉकेट 9 में लॉन्च किए गए 1,168 फ्लैट्स में से लगभग 75% पहले ही बुक हो चुके हैं।
इसी तरह, नागरिक आवास योजना 2026 के तहत सेक्टर G7/G8 में 1,944 LIG फ्लैट्स की पेशकश की गई, जिनमें से पहले ही दिन 300 से अधिक फ्लैट्स बिक गए। यह आम नागरिकों के बीच नरेला की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
नरेला की सफलता का कारण केवल आवास योजनाएं ही नहीं बल्कि DDA द्वारा लगातार किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास भी है। अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) और प्रस्तावित ऋथाला–नरेला–कुंडली मेट्रो कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत बना रही हैं।
सस्ती आवास योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए DDA ने सभी फ्लैट्स पर 25% की छूट भी दी है। जन साधारण आवास योजना 2025 में तो 90% से अधिक फ्लैट्स पहले ही बिक चुके हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में DDA ने 11,000 से अधिक फ्लैट्स बेचे हैं, जिनमें लगभग 60% EWS/जंता श्रेणी के हैं।
इन योजनाओं और बिक्री से DDA की वित्तीय स्थिति भी मजबूत हुई है। चालू वित्तीय वर्ष में आवास राजस्व ₹3,200 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है, साथ ही ₹1,100 करोड़ की बकाया राशि भी वसूली जा रही है।
DDA का लक्ष्य है कि नरेला को एक आधुनिक, सुलभ और बेहतर कनेक्टिविटी वाला शहरी केंद्र बनाया जाए, जहां गुणवत्तापूर्ण और किफायती आवास उपलब्ध हो।
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