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Motivation & Personality Development

Controlling the Controllable: छोटी आदतों से बड़ा बदलाव

एक युवक रोज़ शिकायत करता था कि उसकी ज़िंदगी उसके हाथ में नहीं है—कभी मौसम खराब, कभी लोग आलोचना करते, कभी हालात बिगड़ जाते। एक दिन उसके गुरु बड़ी टिप दे दी। गुरू ने कहा: “पाँच मिनट खुद के लिए लिए निकालो। एकांत में बैठो। घर में हो तो खुद के लिए चाय बनाओ, बालकनी में 5 मिनट बैठो और धीरे-धीरे पियो। देखो, कैसे यह छोटा-सा काम तुम्हारे नियंत्रण में है। यही तुम्हें सिखाएगा कि जीवन में असली शक्ति उन चीज़ों पर ध्यान देने में है जिन्हें तुम बदल सकते हो।”

यानि उसी पर फोकस रखो जो तुम बदल सकते हो। जिस पर तुम्हारा खुद कोई कंट्रोल नहीं उस पर सोचकर क्या फायदा?

सोचिए ज़रा जिस गाड़ी में आप बैठे हों उसमें गियर ना लगा हो बल्कि वो न्यूट्रल हो पर आप एक्सीलेटर लगातार दबाएं रेस बढ़ेगी लेकिन एक इंच नहीं आगे होगी मतलब साफ है पेट्रोल तो जलेगा पर गाड़ी आगे नहीं बढ़ रही। वर्तमान का सही इस्तेमाल ही भविष्य की गारंटी है। पुरानी बातों जिन्हें बदल ना जा सके और भविष्य जिसमें आपका वस ना हो उसके बारे में सोचना फिजूल है।

सोच कर देखिए बहुत छोटी लेकिन बड़े काम की चीज है ये 5 मिनट का एकांत बिना किसी हिल स्टेशन गए बड़ा आइसोलेशन।

हम मौसम नहीं बदल सकते, दूसरों की राय नहीं रोक सकते, लेकिन हम अपना प्रयास, तैयारी, सोच और व्यवहार नियंत्रित कर सकते हैं। “Focus on what you can control, बाकी को जाने दो।”

If your mind carries a heavy burden of the past, you will experience more of the same, the quality of your consciousness at this moment is what shapes the future.. Eckart Tolle

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