गमन दर्शन (Gaman Philosophy)- ये बात तो आप बिना शंका के मानेंगे कि ज़िदगी खुद में बड़ी अस्थायी है, कब क्या हो जाय कुछ भी तय नहीं। अर्श से फर्श और इसका उल्टा भी। दिन के बाद रात आती है। ऋतुएं बदलती हैं। लोग बदलते हैं। परिस्थितियां बदलती हैं। यानि जीवन में परिवर्तन Constant है। कठिन वक्त के बाद बढ़िया टाइम भी आता है मैं क्या लिखूं आपको अनुभव भी हुआ होगा। इसी अनुभव का नाम है गमन दर्शन (Gaman Philosophy). शरीर की बीमारी के बहुत इलाज हैं लेकिन मन के कमजोर पड़ने या हार मान वाली भावना से ये गमन तकनीकि लड़ लेगी। मन को मजबूत बनाइए।
गीता भी कहती है दुख में इतना मायूस ना हो जाएं कि जीवन ही बर्बाद लगे। सुख में इतना खुश ना हो जाएं कि लगे अब ये हमेशा साथ रहेगा। गमन दर्शन समझ लिया तो जीवन में ऑटोमैटिक बैलेंस यानि संतुलन आ जाएगा।
नौकरी चली गई → नई स्किल सीखो, नेटवर्किंग करो, आत्मविश्वास बनाए रखो।
परीक्षा में असफलता → गलतियों से सीखो, नई पढ़ाई योजना बनाओ, हार मत मानो।
बीमारी का सामना → इलाज में अनुशासन रखो, मन को शांत करो, परिवार से सहयोग लो।

