DelhiCivicAlerts
Delhi AlertsDelhi politics

बिना तारीखों और हस्ताक्षर वाले सरकारी आदेश से BJP पर साधा निशाना

दिल्ली नगर निगम के सरकारी आदेश पर अमल भी हो गया। लेकिन वो आदेश जिस पर ना ही हस्ताक्षर है और ना ही तारीख। लेकिन 17 अगस्त को सुबह सवा 7 बजे सभी को रिपोर्ट करने को कहा गया। आदेश की कॉपी के हवाले से दिल्ली नगर निगम में नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने एक्स पर लिखा….

बीजेपी को बख़ूबी मालूम है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की रैली में जनता ख़ुद नहीं आने वाली। भीड़ का माहौल बनाने के लिए दिल्ली के सरकारी शिक्षकों को जबरन बुलाया जा रहा है।

इसके लिए बाकायदा भाजपा शासित MCD ने आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सभी अध्यापकों की रैली में उपस्थिति अनिवार्य होगी। शिक्षकों को रैली स्थल तक पहुँचाने के लिए विशेष बसों का इंतज़ाम भी किया गया है।

जनता से मिल रहे तिरस्कार को छुपाने के लिए अब भाजपा सरकारी कर्मचारियों की आड़ ले रही है।

https://twitter.com/AnkushNarang_/status/1956942642937487375?t=jSPFtfSvphOij4swWmVzfg&s=08

कल दिल्ली सिविक अलर्ट ने पहले ही बता दिया था https://delhicivicalerts.com/this-government-order-from-the-mcd-became-a-disaster-at-the-inauguration-of-uer-2-but-who-can-say-anything/ कि सेंट्रल जोन लाजपत नगर से जारी आदेश की कॉपी में साफ लिखा है कि निगम स्कूलों के शिक्षकों, आंगनवाड़ी कर्मियों और अन्य सरकारी स्टाफ को आदेश देकर कार्यक्रम स्थल पर बुलाया जा रहा है। नाम ना छापने की शर्त पर कई शिक्षकों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि भीड़ बढ़ाने वाला ये आदेश समझ से परे है। सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए करना कितना उचित है। मजबूरी का आलम ये कि शिक्षक संगठनों, आंगनवाड़ी कर्मियों और कुछ अफसरों को भी ये आदेश पच नही रहा। अफसोस, दुखती रग किससे कहे?

आम आदमी पार्टी के नेता और विधायक संजीव झा ने प्रेस कांफ्रेंस करके एमसीडी शासित बीजेपी पर हमला किया और पूर्व की केजरीवाल सरकार से तुलना की। झा ने कहा-आम आदमी पार्टी विधायक संजीव झा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा: आदेश नहीं बल्कि एक धमकी। https://www.youtube.com/live/SpL-5SivUzk

कल जन्माष्टमी का दिन था। दिल्ली सरकार और MCD के सभी अधिकारियों को यह आदेश आया कि मोदी जी की रैली में शामिल होना है। कुछ लिखित कुछ मौखिक आदेश दर्शाता है कि भाजपा सरकार से दिल्ली की जनता नाराज़ है। क्योंकि कोई उनकी रैली में नहीं जाना चाहता। यह आदेश नहीं बल्कि एक धमकी थी। की अगर आप रैली में नहीं आए तो आपके ऊपर सख्त कारवाई होगी। मेरे पास एक शिक्षक का फोन आया। जिन्होंने कहा कि एक तरफ मेरी शिक्षक पेंशन छीन ली। और दूसरी तरफ कहा जा रहा कि हमारी रैली में आकर तालिया बजाओ। अब जनता को समझ आ रहा। 6 महीने में लोग त्राहि त्राहि कर रहे। लोग एक दूसरे को कोस रहे हैं। दिल्ली में सरकार वोटों की चोरी से बनी है। दिल्ली में प्रधानमंत्री जी बड़े बड़े वादे कर के गए थे। कहा था हर महिला को 2500 रुपया मिलेगा। और वह पैसे 8 मार्च को आजाएंगे। अगर मोदी जी ने वह वादा पूरा कर दिया होता तो महिलाएं खुद बसों में भर के थैंक यू मोदी जी कहते हैं। झुग्गियां न तोड़ने, या सिविल डिफेंस वॉलिंटियर्स की नौकरियां न छीनी होती। मोहल्ला क्लीनिक में जो स्टाफ था उनकी नौकरी न निकाली होती। तो लोग खुद बसों में जाकर मोदी जी का धन्यवाद करते। आज दिल्ली के लोग भाजपा से नफरत कर रहे। यही कारण है कि आज पीएम की रैली में लोगों ने जाने से साफ इंकार कर दिया। और जब लोगों ने इंकार करा तो उन्होंने आदेश दिया कि MCD कर्मचारियों को सुबह 7 बजे रैली में जाना है। एक तरफ अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के टीचर्स को विदेश भेजा था। दूसरी तरफ भाजपा सरकार कह रही रैली में जाओ और तालियां बजाओ। हमारी सरकार में मनीष सिसोदिया जी ने कह दिया था कि टीचर्स को पढ़ाने के अलावा किसी और काम में नहीं लगाएंगे। यह अत्यंत शर्मनाक है। दिल्ली सरकार के जो अधिकारी यह आदेश निकाल रहे वो भी इतने ही जिम्मेदार हैं। समय सबका हिसाब किताब बराबर करेगा। वोट चोरी से सरकार तो बना सकते हो। मगर दिल्ली की जनता का दिल नहीं जीत सकते। इस तरह सरकारी महकमे की निंदा न करो

—टीम दिल्ली सिविक अलर्ट (DCA)–

Related posts

Silent March on Partition Horrors Remembrance Day, CM joins Pays Tribute to Victims

Ruby Singh

Faansi Ghar Row : Privileges Committee Summons Top Leaders Again: Next Hearing Set for 20 November

Ruby Singh

योग से लाइफ स्टाइल होंगी सेफ, मेयर ने किया योग

Ruby Singh

Leave a Comment