दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों पर मेयर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि निगम प्रशासन पर लगाए गए “ध्वस्त शासन व्यवस्था” जैसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं और इनका मकसद जनता को गुमराह करना तथा अपनी विफलताओं से ध्यान हटाना है।
मुख्यमंत्री की घोषणाएँ और समर्थन:
मेयर ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने एमसीडी के कार्यों की सराहना करते हुए निगम को 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अनुदान और नागरिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन घोषित किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एमसीडी को 1,000 लिटर पिकर और 70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें देने की घोषणा की। यह कदम दिल्ली में सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
कचरा प्रबंधन और ऊर्जा परियोजनाएँ:
मेयर ने निगम की हालिया उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि नरेला–बवाना में 3,000 टीपीडी वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की आधारशिला रखी गई है। ओखला प्लांट की क्षमता को 1,950 टीपीडी से बढ़ाकर 2,950 टीपीडी करने का विस्तार कार्य भी शुरू हो चुका है। इसके अलावा नांगली डेयरी में 200 टीपीडी बायोगैस प्लांट और घोगा डेयरी में 100 टीपीडी सीबीजी प्लांट का उद्घाटन किया गया है। साथ ही, पुनः प्राप्त लैंडफिल क्षेत्रों में 5,100 टीपीडी क्षमता वाले ताज़ा कचरा प्रोसेसिंग प्लांटों के लिए निविदाएँ जारी की गई हैं।
राजस्व और नागरिक सुविधाएँ:
SUNIYO योजना के तहत एमसीडी ने 1.18 लाख करदाताओं से 519.05 करोड़ रुपये का संग्रह किया है, जिसमें 38,800 नए करदाता शामिल हैं। नए मल्टी-लेवल पार्किंग ढाँचे जनता के लिए खोल दिए गए हैं और जल्द ही और भी ढाँचे तैयार किए जाएंगे।
राजनीतिक आरोपों का जवाब:
मेयर राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि भाजपा-शासित निगम प्रशासन नागरिकों को सर्वोत्तम सेवाएँ देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि कचरा प्रबंधन सुधार, मैकेनाइज्ड स्वीपिंग का विस्तार, पार्कों का विकास और सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण जैसे उपक्रम समयबद्ध तरीके से प्रगति पर हैं। ऐसे में प्रशासनिक विफलता के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
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