दिल्ली में अलग अलग कोने से दाखिल होते ही आपको तीन कूड़े के पहाड़ दिख जाएंगे। ये गाजीपुर, भलस्वा और ओखला में है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिल्ली में एक और पहाड़ है। जी हां गाद का पहाड़ जो दिल्ली के खामपुर गांव के सिंघोला में स्थित है।
कैसे बन गया था ये गाद का पहाड़
दरअसल नालों से गाद निकाल कर यही पर डाला जाता है।
गाद 7.2 एकड़ में डाली गई थी। इस जगह का इस्तेमाल पूर्ववर्ती शाहदरा उत्तरी एवं शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र से निकली गाद को डालने के लिए किया जा रहा था।
दिल्ली नगर निगम ने 7.59 लाख मीट्रिक टन गाद को सिर्फ 6 महीने के समय में साफ कर दिया।

छ: महीने में 7.59 लाख मीट्रिक टन गाद का पहाड़ कैसे हुआ खत्म ?
दिल्ली नगर निगम के एकीकरण के बाद इस जगह पर लगे गाद के ढेर को बायो माइनिंग एवं बायो रेमेडिएशन के द्वारा निस्तारित करने का निर्णय लिया गया। बायो माइनिंग के लिए निविदा नवंबर 2024 में दी गई और गाद के ढेर की 30 मई 2025 को साफ कर दिया गया। छ: महीने के समय में 7.59 लाख मीट्रिक टन गाद को निस्तारित कर दिया गया। इस जगह से गाद को निस्तारित करने के पश्चात अब यहां पर 08 क्षेत्रों ( शाहदरा दक्षिणी, शाहदरा उत्तरी,सिविल लाइंस,सिटी पहाड़गंज,रोहिणी, नरेला,केशवपुरम एवं करोल बाग ) की गाद 01 जुलाई 2025 से डालनी आरम्भ कर दी गई है। साइट पर डाली जा रही गाद को बायो माइनिंग एवं बायो रेमेडिएशन के द्वारा निस्तारित किया जाएगा।
कूड़े के पहाड़ कब खत्म होंगे के सवाल पर दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार दिल्ली में स्थित कूड़े के पहाड़ों को समयबद्ध तरीके से हटाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली को हरित एवं स्वच्छ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं।
जब से दिल्ली एवं निगम में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है सारी फिज़ा बदली बदली सी लगती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में स्थित तीनों लैंडफिल साइट को हटाने के लिए हम एक कार्ययोजना बना कर समयबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली को अपने सपनों का शहर बनाएंगे और इस दिशा में कोई भी कसर नहीं छोड़ेंगे।
आपको बता दें कि तीनों कूड़े के पहाड़ खत्म करने की deadline दिसंबर 2027 निर्धारित की गई है।

