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दिल्ली नगर निगम बजट 2026: सेवा, सुशासन और विकास का रोडमैप – सत्या शर्मा

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति द्वारा वित्त वर्ष 2025–26 के संशोधित बजट अनुमान एवं आगामी वित्त वर्ष 2026–27 के बजट अनुमानों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि दिल्ली के हर नागरिक के जीवन को सरल, सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक बनाने का एक स्पष्ट, ठोस और दूरदर्शी रोडमैप है।

सत्या शर्मा ने बताया कि बजट निर्माण की प्रक्रिया गत 5 दिसंबर को आयुक्त द्वारा बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के साथ प्रारंभ हुई थी। इसके बाद वार्ड समितियों के सभी अध्यक्षों, शिक्षा समिति, ग्रामीण समिति, पर्यावरण प्रबंधन सेवाएं समिति, निर्माण समिति, स्वास्थ्य समिति, उद्यान समिति के अध्यक्षों तथा स्थायी समिति के सभी माननीय सदस्यों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण, व्यवहारिक और ज़मीनी सुझावों को गहनता से शामिल किया गया। साथ ही, दिल्ली और एमसीडी की वर्तमान परिस्थितियों का समग्र आकलन कर बजट को अंतिम रूप दिया गया है।

वायु प्रदूषण पर ठोस कार्रवाई

सत्या शर्मा ने कहा कि पिछले एक दशक से दिल्ली वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। पूर्व सरकारों के समय केवल घोषणाएं हुईं, लेकिन ठोस समाधान नहीं निकले। यह बजट दिल्ली सरकार को वायु प्रदूषण नियंत्रण में वास्तविक और प्रभावी सहायता देगा। इसके तहत किए जाने वाले कार्यों से न केवल दिल्ली की छवि सुधरेगी, बल्कि राजधानी की तस्वीर भी बदलेगी।

स्वच्छता और हरियाली पर विशेष फोकस

बजट में दिल्ली की साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। गलियों, सड़कों, बाजारों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई को सुदृढ़ किया जाएगा। इससे स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में सुधार होगा और एमसीडी की छवि एक जिम्मेदार निकाय के रूप में मजबूत होगी।

तीनों सेनेटरी लैंडफिल साइटों के कूड़ा मुक्त होने के बाद वहां हरियाली, जनसुविधाएं और विकास परियोजनाएं लाई जाएंगी, ताकि वर्षों से बदबू और गंदगी झेल रहे इलाकों को नई पहचान मिल सके। वृक्षारोपण और पार्कों के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

शिक्षा में सकारात्मक बदलाव

एमसीडी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब निजी स्कूलों जैसी शिक्षा और सुविधाएं मिलेंगी। स्कूल परिसरों को सुरक्षित बनाया जाएगा, बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाएगा और रिक्त शिक्षकों के पद भरे जाएंगे। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।

बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को हर क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा, स्वास्थ्य केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।

इसके साथ ही आवारा कुत्तों से जुड़ी नागरिकों की समस्या के समाधान के लिए अलग मद का प्रावधान किया गया है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कर्मचारियों और डॉक्टरों के हित सुरक्षित

एमसीडी के अधिकारियों, कर्मचारियों और डॉक्टरों के प्रमोशन, वरिष्ठता और नियमितीकरण की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। रिक्त पदों पर नई भर्तियां होंगी, जिससे काम का बोझ कम होगा और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी।

निगम की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

एमसीडी की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए आय के स्रोतों का पारदर्शी और बेहतर उपयोग किया जाएगा। आम जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। संपत्ति कर के दायरे को बढ़ाने के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों को राहत भी दी जाएगी, ताकि आर्थिक संतुलन बना रहे।

पार्षदों को मिलेगा विकास कार्यों में पूरा सहयोग

पार्षदों को अपने क्षेत्रों में सड़क, नाली, पार्क, स्ट्रीट लाइट और अन्य विकास कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलेगी। प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि आम नागरिकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

मीडिया के लिए विशेष सुविधाएं

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों के लिए भी बजट में सुविधाएं शामिल की गई हैं। एमसीडी की योजनाओं और कार्यों को जनता तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अहम है और स्वतंत्र व मजबूत मीडिया ही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है।

सुशासन और जनसेवा का बजट

अंत में सत्या शर्मा ने कहा कि यह बजट नारेबाज़ी नहीं, बल्कि नीयत और परिणामों पर आधारित है। स्थायी समिति द्वारा किए गए संशोधनों के अतिरिक्त,निगम आयुक्त द्वारा प्रस्तावित सभी योजनाओं, करों और शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

अंत में श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि यह बजट माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के सुशासन के विजन से प्रेरित है। यह बजट एक स्पष्ट संदेश देता है कि दिल्ली नगर निगम अब केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं की सहभागी संस्था बनेगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट दिल्ली को नई दिशा, नई ऊर्जा और नई पहचान देगा।

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