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क्या बिल्डिंग में जरूरत से ज्यादा लोगों की मौजूदगी और इलाके का अधूरा पड़ा नाला लोगों के लिए मौत का काल बनकर आया? मुस्तफाबाद जमीदोज इमारत की इनसाइड स्टोरी

मुस्तफाबाद में JCB मशीन के जरिए मलबे में जिंदगियां ढूंढने की कोशिश है तो NDRF और अन्य बचाव दल काम कर रहे। मामला तब और High प्रोफाइल हो गया जब राष्ट्रपति ने भी पूरे मुद्दे पर ट्वीट किया।

दिल्ली के मुस्तफाबाद में एक इमारत गिरने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में बच्चों और महिलाओं समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। सभी शोक संतप्त परिवारों के प्रति मैं गहन संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।

मुस्तफाबाद में बिल्डिंग के मलबे में दबकर 4 लोगों की मौत हो गई। लेकिन बिल्डिंग क्यों और कैसे गिरी? इसका पता अब दिल्ली नगर निगम लगाएगा। यही वजह है कि इलाके की सभी बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल ऑडिट होगा।

MCD ने भी पाया गया कि भवन की संरचनात्मक डिज़ाइन आवश्यक भार वहन क्षमता के अनुरूप नहीं थी। इलाके की अन्य इमारतों में भी संरचनात्मक समस्याएं हो सकती हैं और वे पर्याप्त भार वहन नहीं सहन कर पाएंगी तो फिर ऐसे हादसे हो सकते हैं लिहाजा ये तय हुआ कि MCD पूरे इलाके में सर्वेक्षण करेगी ताकि ऐसी इमारतों की पहचान की जा सके जिनकी पांचवीं और छठी मंजिलें पर्याप्त भार वहन क्षमता नहीं रखती हैं, और उन्हें सील करने करके दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।

MCD के आयुक्त अश्वनी कुमार, क्षेत्र के उपायुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ मौके का जायजा लिया।

क्या अधूरे नाले की वजह से गिरी इमारत
डीएसआईडीसी को इस अनधिकृत कॉलोनी में विकास का काम सौंपा गया जिसकी बानगी ये यह वर्क आर्डर है। इलाके के लोगों ने कहा रोड बना दी लेकिन नाली खुदी हुई पड़ी है और अधूरी भी है। तो क्या हादसे की एक वजह ये भी हो सकती है।

जरूरत से ज्यादा लोगों की मौजूदगी ने हादसे को दावत दी

खुद मकानमालिक तहसीन और 11 किरायेदार यहां रहते थे। ऊपर के दोनों फ्लोर पर 6-6 किराएदार रह रहे थे और नीचे मकानमालिक और नीचे ओनर खुद और उसके साथ 10 मेंबर और यानी कुल 23 लोग ही इमारत में होने थे। लेकिन घटना के दिन अचानक से कुछ लोगों की संख्या बढ़ी और करीब 30 लोग हो गए। यही वजह है मलबे में दबे होने की आशंका काफी देर तक रही। इलाके के कुछ लोगों ने बताया कि लो Low Lying Area होने के नाते यहां पर पानी भी इकट्ठा होता रहता है। तो क्या बारिश के पानी की वजह से यह हादसा हुआ?

जमीदोंज संपत्ति संख्या D-26, शक्ति विहार, गली संख्या 1, नेहरू विहार है और MCD के शाहदरा नॉर्थ जोन में आता है।

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