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Motivation & Personality Development

शांति चाहिए? तो अतीत और भविष्य से बाहर आइए। अभी में आइए।”

हर पल यहां जीभर जिओ तो सुना ही होगा। अब ज़िंदगी में भी शामिल करिए। Past, और Future में नहीं Present में जिएं। ज़िंदगी में Now शामिल हो तो 24 घंटा भी कम लगता है। तब आपके पास ज्यादा समय होता है। वो समय जिसे खरीदा नहीं जा सकता। आप करोड़पति भले ना हों लेकिन Now में जीना आपको सबसे बड़ा धनवान बना देता है। ज्यादा नहीं घड़ी का 1 मिनट पहले बीता आप बदल नहीं सकते और जो बीत गया और जो आने वाला है उसके बारे में सोचकर मरे जा रहे हैं।

हम क्यों बीते और आने वाले कल में फंसे रहते हैं?

जब हम दुखी होते हैं, लोग हमें सहानुभूति देते हैं। और जब हम खुश होते हैं, तो कई बार लोग जलने लगते हैं। इसलिए हमें दुख में एक छुपा हुआ फ़ायदा लगता है—सहानुभूति। पर ध्यान दो—क्या सहानुभूति ही प्यार है? बिल्कुल नहीं। या ये सिर्फ आपके अहंकार का खाना है?

ये अहंकार हमेशा बीते कल या आने वाले कल में जीता है। वो कहता है—’मुझे क्या हुआ था’ या ‘मुझे क्या मिलेगा’। पर सच्चा जीवन तो इस पल में है। जब हम वर्तमान में होते हैं, तभी समझ पाते हैं कि हमारा अतीत कैसे हमारे आज को बिगाड़ रहा है?

गया, वो किस्सा; जो आनेवाला है, वो हिस्सा—पर जो है, वही ज़िंदगी है।

समय ही धन है

  • क्यों खास है?: समय एकमात्र ऐसी चीज है जो न तो खरीदी जा सकती है, न ही वापस लाई जा सकती है। जो इंसान अपने समय को वर्तमान में जीने, रिश्तों को गहरा करने, और खुद को समझने में लगाता है, वही असल में धनी है। यह विचार हमें याद दिलाता है कि ज़िंदगी की दौड़ में हम अक्सर समय को भूल जाते हैं, जो हमारा सबसे कीमती संसाधन है।
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