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इस धाकड़ प्रस्ताव के बाद एमसीडी पार्किंग में खड़ी लावारिस कारों पर क्या लगाम लगेगी?

दिल्ली नगर निगम पार्किंग में अवैध वसूली आम तो थी ही, लाल-क़िला फिदायीन ब्लास्ट में जिस तरह से कार का इस्तेमाल हुआ उसने एमसीडी पार्किंग में पाई जाने वाली लावारिस कारों से असुरक्षा पैदा कर दी। निगम के आकड़े के तहत 400 से ज़्यादा पार्किंग स्थलों में करीब 1500 लावारिस गाड़ियां खड़ी हैं। जिनके न मालिक का पता और न ही इन्हें कोई लेने आता है। क़माल देखिए पुलिस भी कोई कारर्वाई नहीं करती। मेट्रो यानि डीएमआरसी के 150 पार्किंग स्थल हैं तो एमसीडी के 400 हैं।  

प्रस्ताव कॉपी

पार्किंग स्थलों पर वाहन चोरी, झगड़े, तोड़फोड़, असामाजिक गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी अन्य घटनाओं को रोकने के लिए निगम की लाभकारी परियोजना समिति के सदस्य  योगेश वर्मा एक ऐसा धाकड़ प्रस्ताव लाए जिससे निगम के करीब 400 पार्किंग स्थल ना केवल सीसीटीवी से लैस होंगे बल्कि इन्हें महिला फ्रैंडली भी बनाया जाएगा। सुझाए गए प्रावधानों में एक-एक बिंदू सिलसिलेवार समझते हैं—

1. 30 दिन का बैकअप के साथ सीसीटीवी कैमरा

  • सभी प्रवेश एवं निकास द्वार, टिकट/टोकन काउंटर तथा पूरे पार्किंग परिसर में हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएँ।
  • फुटेज का कम से कम 30 दिन का बैकअप अनिवार्य होगा।
  • कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग पार्किंग ऑपरेटर द्वारा की जाएगी।

2.  24×7 सुरक्षा गार्डों की तैनाती

  • प्रत्येक पार्किंग स्थल पर 24×7 प्रशिक्षित एवं सत्यापित सुरक्षा गार्डों की तैनाती की जाए।
  • रात में अतिरिक्त गार्ड नियुक्त किए जाएँ।
  • सभी गार्डों को पहचान पत्र एवं हैंड हेल्ड वायरलेस उपलब्ध कराया जाए।

3. प्राइवेट कार डीलरों द्वारा रूके दुरुपयोग

  • अक्सर देखा गया है कि पार्किंग में प्राइवेट कार डीलरों द्वारा अपनी गाड़ियाँ खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे आम नागरिकों को असुविधा होती है।
  • कई बार पुरानी गाड़ियाँ खोलकर वहीं रख दी जाती हैं और उनके पार्ट्स बेचे जाते हैं, जिससे व्यवस्था अव्यवस्थित होती है।

4. उचित रोशनी एवं ब्लाइंड स्पॉट हटाना

  • पूरे परिसर में उच्च क्षमता वाली LED लाइटें लगाई जाएँ।
  • अंधेरे एवं ब्लाइंड स्पॉट्स की पहचान कर अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था की जाए।

5. फायर सेफ्टी नियमों का पालन

  • सभी पार्किंग स्थलों में फायर एक्सटिंग्विशर्स, सैंड बकेट्स तथा इमरजेंसी व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
  • स्टाफ को नियमित फायर सेफ्टी प्रशिक्षण दिया जाए।

6. स्टाफ का पुलिस सत्यापन

  • पार्किंग में कार्यरत सभी कर्मियों का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन किया जाए।
  • बिना सत्यापन के किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

7. महिला सुरक्षा के विशेष उपाय

  • महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं पर्याप्त प्रकाशयुक्त क्षेत्र चिन्हित किए जाएँ।
  • पैनिक बटन/हेल्पलाइन नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएँ।
  • शाम एवं रात के समय अतिरिक्त निगरानी रखी जाए।

8. शिकायत निवारण तंत्र

  • प्रत्येक पार्किंग पर QR कोड आधारित शिकायत प्रणाली, सुपरवाइज़र का नंबर तथा निगम की हेल्पलाइन प्रदर्शित की जाए।
  • शिकायतों की मासिक रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाए।

9. मासिक निरीक्षण

  • निगम द्वारा प्रत्येक पार्किंग स्थल का मासिक निरीक्षण किया जाए।
  • सुरक्षा मानकों का अनुपालन न करने वाले ऑपरेटरों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए, जिसमें अनुबंध रद्द करने तक का प्रावधान शामिल हो।

आपको बता दें कि पार्किंग के मामले एमसीडी का प्रॉफिटेबल प्रोजेक्ट सेल देखता है। अक्सर निजी ठेकेदार संवेदनशील जगहों की पार्किंग का संचालन कर रहे होते हैं। एमसीडी पार्किंग में निगम के आर. पी सेल के Additional Commissioner (RP Cell),  Deputy Commissioner (RP Cell),  Administrative Officer (RP Cell) मुख्य भूमिका निभाते हैं। किसी भी तरह ही गड़बड़ी की शिकायत इनके की जा सकती है।

ग़ौरतलब हो कि ये प्रस्ताव है जो पहले स्थायी समिति में पेश होने के बाद सदन से पास होता है तभी पॉलिसी बनकर लागू हो सकेगा।

–ख़बर यहीं तक

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