एक ऑफिस में दो सहकर्मी थे—एक हमेशा मज़ाक करता, माहौल हल्का रखता; दूसरा हर काम में अनुशासन चाहता। तीसरा हर बात की गहराई में जाता, और चौथा बस शांत रहता, किसी भी हलचल से बेपरवाह।
कई बार उनके बीच टकराव होता, लेकिन जब बॉस ने उनकी टेंडेंसी समझकर उसी अंदाज़ में उनसे बात की, तो न केवल काम आसान हुआ बल्कि रिश्ते भी मज़बूत हो गए।
जिस सास को लौकी नहीं पसंद और बहू हर तीसरे दिन लौकी बनाए तो कितने दिन दोनों में बनेगी। सीक्रेट कोड दे रहा हूं। आपका काम चुटकियों में हो जाएगा। मनोविज्ञान के हिसाब से अलग-अलग स्वभाव
Sanguine (मस्तमौला): ऊर्जा और उत्साह से भरे
Choleric (अनुशासनप्रिय लीडर): नियम और नेतृत्व पसंद
Melancholic (गहराई में जाने वाले): तर्क और परफेक्शन के दीवाने
Phlegmatic (शांत और बेपरवाह): आरामपसंद और तनावमुक्त
तो आपके ल रिश्तों और कामकाज में सफलता का राज़ यही है कि आप सामने वाले की टेंडेंसी पहचानें और उसी अंदाज़ में संवाद करें।
- किसी को उत्साह चाहिए, किसी को अनुशासन, किसी को तर्क और किसी को शांति।
- अगर आप सही “डोज़” देंगे, तो सामने वाला आपकी बात मान लेगा।
- उल्टा व्यवहार करने पर टकराव होगा और आप हार जाएंगे।

