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मानसून से पहले 3,400 गड्ढों को भरेगा PWD, 24 जून से शुरू हो रहा ये ऐतिहासिक अभियान

दिल्ली में मानसून आने को है इससे पहले जलभराव से निबटने को PWD ने एक दिन में ही 3,400 गड्ढों को भरने का दावा किया है। ये भराव 24 जून को किया जाएगा।
इससे करीब 1,400 किलोमीटर सड़कें मानसून के लिए तैयार होंगी।

24 जून को शुरू हुए इस अभियान में क्या क्या करेगा PWD

•   1,400 किलोमीटर PWD सड़कों का कवरेज होगा — जिनमें मेन रोड, आंतरिक सड़कें और हाई रिस्क ज़ोन शामिल हैं।

•   3,400 चिन्हित गड्ढों को भरने का लक्ष्य है — ये गड्ढे नागरिकों की शिकायतों, ज़ोनल सर्वे और ड्रोन मैपिंग के ज़रिए पहले से चिन्हित किए जा चुके हैं।

•   सड़कों को ज़ोन में विभाजित किया गया है ताकि ऑपरेशन प्रभावी और तेज़ी से हो।

•   200 से अधिक मेंटेनेंस वैन — उन्नत मरम्मत तकनीक और हाई-क्वालिटी मटीरियल से लैस  इस एकदिवसीय अभियान में जुटाई गई हैं।

•   70 एई और 150 जेई समेत 1,000 से अधिक मज़दूर, इंजीनियर और सुपरवाइज़र ग्राउंड पर तैनात रहेंगे।


•   हर गड्ढे की मरम्मत से पहले और बाद की भू-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प फोटो ली जाएंगी। यह अनिवार्य किया गया है ताकि कोई भी काम फर्जी न हो सके।

•   मंत्री स्वयं ग्राउंड पर मौजूद रहेंगे और वास्तविक समय में निगरानी करेंगे।

•   हर ज़ोन के लिए एक ज़ोनल एई और एक वरिष्ठ अभियंता को जवाबदेह बनाया गया है। असफलता या लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई होगी।

•   इस अभियान की योजना नागरिकों की शिकायतों और सुझावों पर आधारित है।

•   यह पहल जनता की सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक जाम और मानसून से पहले की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।

•   स्थानीय विधायक इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और जनता से सीधा संवाद रखेंगे।

PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा
“यह अभियान सिर्फ सड़कों की मरम्मत का नहीं है — यह दिल्ली की जनता के प्रति हमारी जवाबदेही का प्रतीक है। मैं हर इंजीनियर, सुपरवाइज़र और मज़दूर से यही कहता हूं — यह दिन सिर्फ काम का नहीं, सेवा का है। गड्ढा भरना सिर्फ कोलतार डालना नहीं है, यह उस नागरिक के लिए राहत है जो हर दिन इन सड़कों से गुजरता है। जब सिस्टम जवाबदेह होता है, तो काम भी टिकाऊ होता है।” मंत्री ने साफ किया की pwd ने अब तक 150 किमी की सड़क बनी दी है और बाकी 100 किमी भी कुछ दिनों में तैयार हो जाएगी। अगले मार्च तक 500 किमी सड़क बनाने का टार्गेट है ।

•   मरम्मत कार्य के बाद हर क्षेत्र में गुणवत्ता निरीक्षण अनिवार्य किया गया है।
•   जो भी गड्ढा भरे जाएंगे, वे PWD मानकों के अनुसार होंगे, ताकि जल्दी दोबारा खराब न हों।
•   मेंटेनेंस वैन आगे भी मॉनसून सीज़न में चालू रहेंगी, ताकि बारिश में गड्ढे फिर न बनने पाएँ।

PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा:
“यह नहीं है कि पिछले चार महीने से कुछ नहीं हो रहा था। गड्ढे भरने का काम लगातार चल रहा था। लेकिन अब क्योंकि मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है, इसलिए हमने तय किया है कि कल, एक ही दिन में 3,400 चिन्हित गड्ढों को भर दिया जाएगा। ये सिर्फ एक मरम्मत नहीं, जनता से किया गया वादा निभाने का दिन होगा।”

PWD मंत्री ने दावा किया कि, एक स्थायी और पारदर्शी प्रणाली की शुरुआत है। “जब काम बिना भ्रष्टाचार के होगा, तो गड्ढे बनेंगे ही नहीं। जब काम PWD के तय मापदंडों के अनुसार होगा, तब सड़कों पर जनता को तकलीफ नहीं होगी। यही हमारा संकल्प है।”

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