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गाजियाबाद में धूमधाम से मनाया गया ‘हिन्दू साम्राज्य दिवस’, छत्रपति शिवाजी महाराज के 353वें राज्याभिषेक पर निकली भव्य शोभायात्रा

भारत माता सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आज 28 जून को छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के 353 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘हिन्दू साम्राज्य दिवस’ का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन नवयुग मार्किट, बलिदान पथ पर किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ठाकुरद्वारा तिराहे से भव्य शोभा यात्रा के साथ हुआ। यात्रा में छत्रपति शिवाजी, माँ जीजाबाई, रानी लक्ष्मी बाई सहित देश की वीरांगनाओं की वेशभूषा में महिला शक्ति ने अगुवाई की। नासिक ढोल, दर्जन भर बैंडबाजे, बुलेट वाहिनी, अश्व एवं खड़क वाहिनी के प्रदर्शन ने यात्रा को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

बलिदान पथ स्थित कार्यक्रम स्थल पर मुख्य समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, मुख्य वक्ता राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, कार्यक्रम अध्यक्ष ललित जायसवाल तथा संस्था के अध्यक्ष राहुल सिंह द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्प-अर्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इससे पूर्व अतिथियों ने बलिदान पथ पर स्थित बलिदानियों की प्रतिमाओं एवं वाल्मिकी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही, वाल्मिकी समाज के बंधुओं का भी महाराज श्री द्वारा स्वागत-सत्कार किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने संस्थान को इस अद्भुत आयोजन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज को उनके गुरु जी ने दीक्षा में कहा था कि आप अपने जीवन को शिव की आराधना में लगा दो। गुरु के आदेश का शिवाजी ने जीवनपर्यंत निर्वहन किया। महाराज जी ने कार्यक्रम में शस्त्रों का प्रदर्शन करने वाली माता-बहनों को विशेष बधाई दी।

मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि भगवान शिव के आराधक कैलाशानंद गिरी महाराज आज मंच पर विराजमान हैं और भगवान शिव के नाम पर जिनका नामकरण हुआ, ऐसे ‘शिवा’ का हम राज्याभिषेक मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बालकों व बालिकाओं ने जो प्रदर्शन किया, उसे देखकर ऐसा आभास होता है कि शिवाजी महाराज की सेना बिल्कुल ऐसी ही होती होगी। गाजियाबाद की भूमि पर आयोजित इस अनूठे कार्यक्रम से सनातन संस्कृति, संस्कार, हिन्दू वीरों के पराक्रम और चरित्रबल का बड़ा संदेश भारत के समाज को जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान 11 माताओं द्वारा अपने बच्चों का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक किया गया। साथ ही बच्चे छत्रपति शिवाजी, रानी लक्ष्मी बाई, महाराणा प्रताप आदि की वेशभूषा में पहुंचे। इस बार महाराणा प्रताप की माता जयंता बाई के स्वरूप और उनके योगदान पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं क्रमशः गौरांगी सिंह, उत्कर्ष व लावण्या सेठी को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन शिवाजी के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिका की मनोहारी प्रस्तुति के साथ हुआ।

संस्था के महामंत्री मनमीत कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन मूल्यों, स्वराज, सुशासन एवं राष्ट्रभक्ति से अवगत कराना है।

कार्यक्रम का संचालन प्रमोद कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर देवेन्द्र कुमार, विजय गोयल, धुरेन्द्र कुमार, विपुल कुमार, विधायक अजीत पाल त्यागी, कथा वाचक विष्णु दत्त सरस, अरविन्द भाई ओझा, जीवन ऋषि महाराज, सुशील कुमार आदि अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। साथ ही, हज़ारों की संख्या में महिलाओं, पुरुषों एवं बालकों ने सहभागिता की।

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