दिल्ली के माननीय महापौर प्रवेश वाही ने नजफगढ़ जोन में स्थित निर्माणाधीन गोयला डेयरी बायोगैस संयंत्र का निरीक्षण कर परियोजना को समय पर पूरा करने और सुचारू रूप से चलाने के सख्त निर्देश दिए; उन्होंने कहा कि यह प्लांट दिल्ली को स्वच्छ व हरित राजधानी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निरीक्षण के दौरान नजफगढ़ जोन अध्यक्ष सविता शर्मा, दिल्ली नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त बी.एस. जगलान, नजफगढ़ क्षेत्र के उपायुक्त सुमित कुमार, निर्माण एजेंसी के अधिकारी तथा निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। महापौर ने प्लांट के निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया और तकनीकी टीम से विस्तृत रिपोर्ट ली।

महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोयला सीबीजी प्लांट की स्थापना और संचालन में कोई अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि गोयला डेयरी में स्थित यह बायोगैस प्लांट जुलाई माह तक तैयार कर जनता की सेवा के लिए चालू कर दिया जाएगा। सभी लंबित कार्यों को अतिशीघ्र पूरा करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
वाही ने बताया कि यह संयंत्र प्रतिदिन लगभग 200 टन पशु गोबर का वैज्ञानिक निस्तारण करने में सक्षम होगा, जिससे नजफगढ़ ड्रेन और अंततः यमुना नदी में गंदगी पहुँचने पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि प्लांट से क्षेत्र में प्रदूषण घटेगा, कचरा प्रबंधन बेहतर होगा और स्थानीय स्वच्छता में सुधार होगा। महापौर ने इसे पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदाय के स्वास्थ्य के लिए बड़ा कदम बताया।
नंगली और गोयला क्षेत्रों में लगभग 1,500 डेयरियां संचालित हैं, जिनसे प्रतिदिन भारी मात्रा में गोबर निकलता है। पारंपरिक रूप से यह गोबर नालियों के माध्यम से ड्रेन में चला जाता है, जिससे जल प्रदूषण और गंदगी बढ़ती है। गोयला संयंत्र के माध्यम से इस गोबर का वैज्ञानिक रूप से संसाधन होने से न केवल प्रदूषण नियंत्रित होगा बल्कि बायोगैस और सीबीजी के रूप में ऊर्जा का उपयोग भी संभव होगा।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने संयंत्र की कार्यप्रणाली पर ब्रीफिंग ली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के विजन के अनुरूप स्वच्छ व हरित राजधानी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी साफ-सफाई सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रहेंगे।
महापौर ने निर्माण एजेंसी और निगम अधिकारियों से कहा कि वे समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराकर क्षेत्र की सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि परियोजना के पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों के लिए पुनरावास और लाभकारी उपयोग के विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा।
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