दक्षिण दिल्ली के बदरपुर और जैतपुर में नगर निगम (MCD) की बड़ी कार्रवाई में बुलडोजर का उपयोग कर कई घरों को ध्वस्त किया गया; यह कार्रवाई मंगोलपुरी के बाद की दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस की तैनाती रही, जबकि जिन मकानों पर बुलडोजर चलाए गए वे ओ-ज़ोन में स्थित बताए जा रहे हैं।

बदरपुर और जैतपुर के ओ-ज़ोन में सुबह से ही प्रशासनिक टीम सक्रिय रही। MCD के अधिकारी और मशीनरी पहुंचने के बाद बुलडोजर से कुछ मकानों की दीवारें और संरचनाएं तोड़ी गईं। मौके पर भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। स्थानीय लोग और मकान मालिक कार्रवाई के दौरान विरोध करते दिखे; कुछ ने कहा कि उन्हें पहले से पर्याप्त सूचना नहीं दी गई थी।

MCD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई ओ-ज़ोन में कथित अवैध निर्माण और नियमानुसार हटाने के आदेश के पालन के लिए की गई। अधिकारीयों का कहना था कि जिन संपत्तियों पर कार्रवाई हुई, उनके खिलाफ नोटिस और कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जा चुकी थीं। प्रशासन ने यह भी कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा और नियोजन नियमों के उल्लंघन को देखते हुए यह कदम आवश्यक था।

बिहार के रहने वाले मोहम्मद शाकिब और उनके लड़के का रो-रोकर बुरा हाल हो गया 75 गज में बने उनके 2 फ्लोर को तोड़ दिया गया। कुछ महीने पहले ही उन्होंने इसे खरीदा था। आरोप लगाया कि कोई तोड़ने से पहले कोई नोटिस नहीं मिला।

सरकार से मुआवजा की मांग की। कार्रवाई के शिकार हुए निवासियों ने कहा कि वे अचानक हुई कार्रवाई से हैरान हैं और उन्हें अपने घरों से हटने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। कई परिवारों ने कहा कि वे वर्षों से वहीं रह रहे थे और अब उनके पास रहने की जगह और रोज़गार प्रभावित होंगे। कुछ लोगों ने कहा कि वे अदालत में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं और प्रशासन से पुनर्वास की मांग की है।
—ख़बर यहीं तक

