जनप्रतिनिधियों और सोशल/मुख्यधारा मीडिया में आई खबरों के माध्यम से दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के संज्ञान में लाया गया है कि झुग्गी-झोपड़ियों में कुछ स्पष्ट रूप से झूठे, निराधार और स्पष्ट रूप से राजनीति से प्रेरित “विध्वंस (डिमोलिशन) के नोटिस” चिपकाए जा रहे हैं। प्राधिकरण आम जनता को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में किए जाने वाले कथित विध्वंस के संबंध में उसके नाम पर प्रसारित की जा रही ऐसी झूठी और भ्रामक खबरों के प्रति आगाह करता है। इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी असत्यापित सूचना पर तब तक विश्वास न करें या उस पर कार्रवाई न करें, जब तक कि उन्हें डीडीए द्वारा अपने अधिकृत चैनलों के माध्यम से आधिकारिक रूप से जारी न किया गया हो।
यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि निहित राजनीतिक स्वार्थों के लिए शरारती तत्वों द्वारा इस तरह की गलत सूचना फैलाकर और जनता में अनावश्यक दहशत व अशांति पैदा करके ऐसे झूठे नोटिस चिपकाए/प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्हें संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे गैर-जिम्मेदाराना कृत्यों से बचने की सख्त सलाह दी जाती है।
डीडीए माननीय न्यायालयों के निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए केवल उन्हीं स्थलों पर डिमोलिशन अथवा उन्हें हटाने का अभियान चलाता है, जो समय-समय पर संशोधित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान) द्वितीय अधिनियम, 2011 के अंतर्गत नहीं आते हैं।
उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना की अध्यक्षता में, डीडीए नियोजित शहरी विकास, सरकारी भूमि की सुरक्षा और राष्ट्रीय राजधानी के समावेशी/समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। डीडीए द्वारा किए गए सभी कार्य कानून का पूर्ण पालन करते हुए, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ और जन कल्याण को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किए जाते हैं।
—ख़बर यहीं तक—

