दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने रेलवे के साथ मिलकर राजधानी के रेलवे ट्रैक किनारे फैले कचरे के खिलाफ सबसे बड़े स्वच्छता अभियानों में से एक को अंजाम दिया है। इस अभियान में अब तक 123 स्थलों से 18,495 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया और लगभग 49.74 किलोमीटर ट्रैक को साफ किया गया, जो कुल लंबाई का लगभग आधा हिस्सा है।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियां
- कचरा हटाने का पैमाना: अनुमानित 18,000–20,000 मीट्रिक टन में से 18,495 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया।
- सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: करोल बाग और केशवपुरम ज़ोन ने लगभग 4,100 मीट्रिक टन कचरा हटाकर शीर्ष स्थान हासिल किया।
- चुनौतीपूर्ण स्थल: करोल बाग ज़ोन के जखीरा क्षेत्र में रेलवे लाइनों के त्रिकोणीय मिलन पर सफाई हेतु 20 रेलवे वैगनों का उपयोग किया गया।
- परिवर्तनकारी कदम: आजादपुर रेलवे स्टेशन के पास पुराने कचरा स्थल को साफ कर खुले उपयोगी स्थान में बदला गया।
- मानव संसाधन व मशीनरी: 550 से अधिक कर्मियों की तैनाती, 34 टिपर, 28 हाइवा ट्रक, 11 जेसीबी मशीनें, 9 कम्पैक्टर और 14 ई-रिक्शा का इस्तेमाल।
- स्थायी समाधान: रेलवे ट्रैक किनारे 61 ट्विन डस्टबिन लगाए गए और जागरूकता अभियान चलाए गए।

एमसीडी आयुक्त का बयान
एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा: “रेलवे कॉरिडोर की सफाई हमारी प्राथमिकता रही है। यह अभियान न केवल पुराने कचरे को हटाने का प्रयास है, बल्कि बुनियादी ढांचे और जन-जागरूकता के माध्यम से इसके दोबारा जमा होने से रोकने की भी व्यवस्था है। हमारा लक्ष्य दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और स्वागतयोग्य बनाना है।”
असर और महत्व
यह अभियान दिल्ली की छवि सुधारने की दिशा में बड़ा कदम है। रेलवे कॉरिडोर शहर में प्रवेश करने वाले यात्रियों के लिए पहला दृश्य बिंदु होते हैं। अब साफ-सुथरे ट्रैक राजधानी की पहचान को मजबूत करेंगे और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर डालेंगे।
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