एक चिड़िया बर्फीले तूफान में फंसकर पल पल मौत से टकराती फिर गिर जाती लेकिन आखिर तक उसने हार नही मानी उठकर खड़ी होती और फिर टकराकर गिर जाती। उसका ये संघर्ष देखकर ईश्वर को भी रहा न गया। दूसरी दिशा से आये तेज़ हवा के झोंके ने उसे ऐसी जगह उठा फेंका जहां उसे बड़ी राहत मिली।
दरअसल, चिडिया अब बर्फीले तूफान से अलग एक गोबर के ढ़ेर में जा गिरी जहां पर उसे बहुत गर्मी मिली। बर्फीले तूफान से उसे न केवल बहुत राहत मिली बल्कि वो और खुश हो गई कि उसकी जान बच गई। हालांकि वो इतना खुश हो गई कि गोबर से बाहर निकल-निकल कर चिटर-चिटर करने लगी। भाग्य को कुछ और ही मंज़ूर था। तेज़ बाज़ मंडरा रहा था और उसका निशाना चिडिया ही थी इससे बेख़बर चिटर-चिटर करना वाली वो चिड़िया अचानक ख़ामोश हो गई क्योंकि वो बाज़ का शिकार बन चुकी थी।
किसी ने ठीक कहा है कि “मौन एक आज़ादी है पर ज्यादातर लोग इसे कैद समझते हैं।”

