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Municipal Corporation of Delhi (MCD)

एमसीडी में बड़े बदलाव का दावा: “विकसित दिल्ली” की ओर तेज़ी से बढ़ते कदम — सत्या शर्मा

दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि एमसीडी में पिछले एक वर्ष के दौरान जो बदलाव देखने को मिला है, वह केवल प्रशासनिक सुधार नहीं बल्कि एक व्यापक परिवर्तन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में निगम ने वर्षों से चली आ रही समस्याओं पर निर्णायक प्रहार करते हुए न केवल व्यवस्था को पटरी पर लाया, बल्कि उसे विकास की नई दिशा भी दी है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” विजन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व का परिणाम है, जिसने एमसीडी को नई ऊर्जा और स्पष्ट लक्ष्य प्रदान किया है।

सत्या शर्मा ने कहा कि सरकार बनते ही आम जनता को राहत देना प्राथमिकता रही और घर-घर कूड़ा उठाने पर लगाए गए यूजर चार्ज को समाप्त कर करोड़ों दिल्लीवासियों को सीधे लाभ पहुंचाया गया। इसके साथ ही स्वच्छता व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत किया गया—सैकड़ों बाजारों में रात्रिकालीन सफाई, ढलावों की नियमित सफाई और आधुनिक मशीनों के उपयोग से सफाई को अभियान से आगे बढ़ाकर स्थायी व्यवस्था में बदला गया। कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर कचरा निस्तारण और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं को गति दी गई, जिससे दिल्ली गारबेज फ्री सिटी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सम्मान देना भाजपा की कार्यशैली का हिस्सा है। नियमितीकरण, समय पर वेतन-पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं की गारंटी ने कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाया है। वहीं वित्तीय मोर्चे पर भी एमसीडी ने इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड स्तर पर संपत्ति कर संग्रह किया और पहली बार मुनाफे का बजट पेश किया। यह दर्शाता है कि पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के साथ निगम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।

आगामी वर्षों के विजन को स्पष्ट करते हुए सत्या शर्मा ने कहा कि अब एमसीडी का लक्ष्य केवल सुधार नहीं बल्कि शहर को मॉडल शहरी ढांचे में बदलना है। “एक सड़क-एक दिन” योजना के तहत हर दिन एक सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि तीनों लैंडफिल साइट्स को समाप्त कर उन्हें ग्रीन जोन और सार्वजनिक उपयोग के स्थलों में बदला जाएगा। वेस्ट-टू-एनर्जी और बायो-मिथेनाइजेशन परियोजनाओं का विस्तार कर कचरे को संसाधन में बदलने की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हर वार्ड में स्वास्थ्य और सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल सेवाओं को और सरल बनाना, प्रदूषण नियंत्रण के लिए वर्षभर निगरानी तंत्र स्थापित करना और ईवी चार्जिंग व सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देना निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान और नागरिक सहभागिता को बढ़ाकर दिल्ली को हरित और टिकाऊ शहर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

सत्या शर्मा ने कहा, “एक साल में हमने बदलाव की मजबूत नींव रखी है, अब आने वाले वर्षों में यही बदलाव दिल्ली की पहचान बनेगा। एमसीडी अब रुकने वाली नहीं है—हम विकसित, स्वच्छ और आधुनिक दिल्ली के लक्ष्य को हर हाल में हासिल करेंगे।”


प्रमुख उपलब्धियां:

यूजर चार्ज समाप्त, करोड़ों नागरिकों को राहत

312+ बाजारों में नाइट क्लीनिंग, 430 ढलावों की नियमित सफाई

150 लाख मीट्रिक टन कचरा निस्तारण

वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स को गति

3000 किमी मैकेनिकल रोड क्लीनिंग

1336 कर्मचारी नियमित, 476 को करुणामूलक नियुक्ति

समय पर वेतन-पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाएं

3200 करोड़+ संपत्ति कर संग्रह

एमसीडी का पहला मुनाफे वाला बजट

डिजिटल सुधार: Citizen Portal, DigiLocker, ड्रोन सर्वे

4.26 लाख छात्रों को DBT, 1576 शिक्षकों को प्रमोशन


आगामी विजन (रोडमैप):

“एक सड़क-एक दिन” से मॉडल रोड नेटवर्क

लैंडफिल साइट्स को ग्रीन जोन में बदलना

वेस्ट-टू-एनर्जी व बायो-मिथेनाइजेशन विस्तार

हर वार्ड में स्वास्थ्य व सामुदायिक सुविधाएं

EV चार्जिंग और सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

सालभर प्रदूषण मॉनिटरिंग सिस्टम

बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान

डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता को और मजबूती

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