पूर्वी दिल्ली के स्वामी दयानंद मार्ग पर सड़क किनारे लगातार निर्माण मलबा और कचरा डंप किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जगतपुरी से हसनपुर तक फैले इस मार्ग पर रोजाना मलबा फेंके जाने के आरोपों के बीच स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क किनारे निर्माण मलबा जमा होने से न केवल क्षेत्र की स्वच्छता और सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों को भी गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग पूर्वी दिल्ली के महत्वपूर्ण यातायात मार्गों में शामिल है और हाल के दिनों में यातायात सुधार योजनाओं के तहत भी चर्चा में रहा है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अंकुश नारंग ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को अवैध मलबा डंपिंग की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रतिदिन सड़क किनारे मलबा डाला जा रहा है और जिम्मेदार एजेंसियां कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं, तो इससे भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंकाएं पैदा होती हैं।

नारंग ने मांग की कि स्वामी दयानंद मार्ग को मलबा मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही, अवैध रूप से मलबा फेंकने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी उपाय करने की भी आवश्यकता बताई।
उधर, स्थानीय लोगों ने दिल्ली नगर निगम और संबंधित विभागों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। नागरिकों का कहना है कि स्वच्छ और सुरक्षित सड़कें उनका अधिकार हैं तथा प्रशासन को अवैध मलबा डंपिंग पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए।

