8 अक्टूबर को जब 34 AGMUT और DANICS दानिक्स काडर अधिकारियों का ट्रांसफर लिस्ट दिल्ली के सिविक मुख्यालय पहुँचा, तो सबसे ज़्यादा कानाफूसी सीरियल नंबर 12 और 13 को लेकर हुई।
फुसफुसाहट यही रही कि एक अधिकारी, जो एडवर्टाइजमेंट विभाग को बिना एचओडी के डायरेक्ट देख रहा था, ट्रांसफर से पहले ही सीबीआई की नज़र में था। और फिर चर्चा और भी दिलचस्प हो गई जब यह खबर फैली कि वही अधिकारी उस बेसमेंट में जा रहा था, जब हाल ही में सीबीआई ने एडवर्टाइजमेंट विभाग के दो एसएसए को गिरफ्तार किया था। मातहतों की गिरफ्तारी के दौरान बेसमेंट जाते हुए अधिकारी को कॉल आ गया जो उल्टे पांव लौट गया। हालांकि ट्रांसफर के पहले सीबीआई के राडार पर रहने वाला क्या अब राडार में नहीं है। या ट्रांसफर से राहत मिल गई है। ये सीबीआई के अधिकारियों से पूछेगें।

सीधे आरोप किसी ने नहीं लगाए, लेकिन दफ्तर के गलियारों में उठती धीमी आवाज़ें यही कह रही थीं कि ट्रांसफर का टाइमिंग और सीबीआई की सक्रियता शायद महज़ इत्तेफ़ाक़ नहीं है। एक कर्मचारी ने तो हंसते हुए कहा—“बेसमेंट में पोस्टिंग और सीबीआई की मौजूदगी… कुछ तो गड़बड़ है।”
दूसरे अधिकारी की नई पोस्टिंग भी चर्चा में रही, लेकिन उतनी सनसनीखेज़ नहीं। फिर भी, लिस्ट के सीरियल नंबर 12 और 13 अब सिविक हेडक्वार्टर की सबसे पसंदीदा गॉसिप का हिस्सा बन गए हैं।
(इस ख़बर की पुष्टि इंडिपेंडेंट तौर पर हम नहीं करते हैं)
–The End

