रिक्टर स्केल पर 4.4 तीव्रता वाला भूकंप का केंद्र हरियाणा का झज्जर था लेकिन पूरा दिल्ली एनसीआर ही कांप गया। खतरे के लिहाज से दिल्ली एनसीआर Seismic Zone 4 में आता है।
ऐसे में पूर्वी दिल्ली, ट्रास यमुना संसद भवन, दिल्ली यूनिवर्सिटी, जनकपुरी, रोहिणी, करोल बाग, उत्तरी परिसर, सरिता विहार, पश्चिम विहार, शकरपुर, गीता कॉलोनी, जनकपुरी में सबसे ज्यादा खतरा रहता है। हिमालय और इसके आसपास के इलाकों में अपेक्षाकृत ज्यादा भूकंप आते हैं। दिल्ली और पूर्वोत्तर भारत के राज्य में भी अक्सर भूकंप आते हैं।
मेट्रो एहतियातन रोकी जाती है जबकि रेल नही,
मेट्रो अधिकारियों की माने तो आधुनिक ट्रेनों में भूकंप रोधी सेंसर लगे होते हैं। इत्तिला होते ही ट्रेन रोक दी जाती है। मेट्रो ट्रेन अपेक्षाकृत हल्की, तेज़ स्पीड से चलने वाली और परिचालन इंफ्रा में टनल भी होते हैं लिहाजा ऐसा किया जाता है। जबकि रेल भारी, धीरे चलने वाली र बहुत कम तीत्रता वाले भूकंप का कोई असर नही पड़ता। बीती रात ईरान में भी तेज़ भूकंप आया था।

