सियासत में जल्दी-जल्दी सफलता मिले और सीधा सियासी पारी में ऊपर चढ़ते जाएं ऐसा कम ही दिखता है। हालांकि, दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष को तौर पर तैनाती मिलने वाले हर्ष मलहोत्रा को संगठन और सियासत का काफी अनुभव है।
2012 में पार्षद बने। साल 2015 में पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मेयर चुने गए थे और साल 2024 में जब गौतम गंभीर ने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान नहीं किया तो पूर्वी दिल्ली सीट से हर्ष मल्होत्रा को चुनाव मैदान में उतरे और 3 लाख 39000 वोटो के अंतर से जीत भी गए। कमाल देखिए कि पहली बार में ही कैबिनेट में जगह मिल गई और केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय में तैनात हो गए। अब साल 2026 में दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष भी बन गए।

सियासी सफर पार्षद से शुरू हुआ था। संगठन के आदमी कहे जाते हैं। दिल्ली नगर निगम में बीजेपी की वापसी में इनका बड़ा हाथ रहा है। आपको बता दें कि पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में पंजाबी समुदाय की काफी अधिक संख्या है। पेशे से कारोबारी हर्ष मल्होत्रा दिल्ली बीजेपी के जमे हुए नेता रहे विजय मल्होत्रा के बेटे हैं। जब दिल्ली नगर निगम अलग-अलग था तो हर्ष मल्होत्रा पूरी दिल्ली नगर निगम शिक्षा समिति के अध्यक्ष रहे और करीब 3 साल तक इस जिम्मेदारी को निभाया भी था।
दरअसल, पार्टी को तलाश थी ऐसे चेहरे की जो सरकार और संगठन में ताल मेल बना सके। माना जा रहा है कि इनकी तैनाती में रेखा गुप्ता का भी हाथ रहा। क्योंकि अंदरखाने रेखा गुप्ता सरकार और सचदेवा के संगठन में तालमेल नहीं होने की ख़बरें गाहे-बगाहे आती रही हैं।
बधाई देनें में रेखा गुप्ता पूरी कैबिनेट के साथ डीडीयू मार्ग स्थित दिल्ली बीजेपी के दफ्तर पहुंची। वीरेंद्र सचदेवा ने बीजेपी कार्यालय के सभी स्टाफ को टाफियां दीं।
–ख़बर यहीं तक

